Bageshwar News

बागेश्वर के परिवार ने लगाई गुहार, कई दिनों से लापता वन दरोगा कैलाश पांडे की है तलाश

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बागेश्वर: उत्तराखंड के बागेश्वर ज़िले में तैनात वन दरोगा कैलाश चंद्र पांडे 21 दिनों से रहस्यमयी हालात में लापता हैं। बीते 3 जुलाई को अपने घर से कार्यालय के लिए निकले कैलाश पांडे अब तक घर नहीं लौटे हैं। हालाकि उनकी स्कूटी (UK02B2069) तो पगना क्षेत्र के सप्तेश्वर के पास मिल गई…लेकिन वे खुद कहां है इसका आज तक कोई सुराग नहीं मिल पाया।

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इस घटना ने पांडे परिवार को मानसिक और भावनात्मक रूप से पूरी तरह तोड़ कर रख दिया है। परिजनों का आरोप है कि वन विभाग और पुलिस ने खोजबीन में गंभीरता नहीं दिखाई। थक-हारकर परिजनों ने बीते शनिवार को प्रभागीय वन अधिकारी (DFO) ध्रुव सिंह मर्तोलिया को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी कि अगर जल्द कोई ठोस सुराग नहीं मिला, तो पूरा परिवार वन विभाग कार्यालय के बाहर सामूहिक आत्मदाह करेगा।

रुंधे गले से लापता वन दरोगा की बेटी विद्या पांडे कहती हैं रोज़ उम्मीद लेकर सोते हैं पर हर सुबह सिर्फ मायूसी हाथ लगती है। पिता जी हमेशा अनुशासनप्रिय रहे, ज्यादातर समय दफ्तर में ही बिताते थे पर अब…उनका कोई अता-पता नहीं। वहीं बेटे रुद्र पांडे का दर्द भी छलक उठा। उन्होंने पुलिस से अपील की हमारा परिवार बुरी तरह टूट चुका है। हर दिन डर के साए में बीत रहा है कि कहीं कोई अनहोनी न हो गई हो। तलाशी तेज की जाए।

इधर डीएफओ ध्रुव मर्तोलिया ने मीडिया को बताया कि परिजनों की चेतावनी को गंभीरता से लिया गया है और स्थानीय पुलिस को सूचित कर दिया गया है। हम हर स्तर पर खोजबीन में जुटे हैं और पुलिस के साथ लगातार समन्वय कर रहे हैं 

परिवार की शिकायत है कि 3 जुलाई से अब तक अगर समय रहते ठोस कार्रवाई होती तो शायद हालात कुछ और होते। हर संदिग्ध स्थान पर तलाश, थानों के चक्कर–पर हर बार खाली हाथ लौटना अब असहनीय हो चला है।

यह मामला सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं…बल्कि पूरे सिस्टम पर भी सवाल खड़ा करता है….आखिर एक वरिष्ठ वनकर्मी के इस तरह अचानक लापता होने के बाद भी खोज में इतनी सुस्ती क्यों ?

परिजनों ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी को भी कैलाश पांडे से जुड़ी कोई जानकारी मिले…तो तत्काल पुलिस या परिवार से सूचित करें… क्योंकि अब हर बीतता दिन उम्मीद की जगह सिर्फ चिंता और डर बढ़ा रहा है।

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