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शिरोमणि हिंदी साहित्यकर सम्मान के लिए बल्ली सिंह चीमा का चयन,पंजाब सरकार ने दिया सम्मान

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देहरादून: प्रख्यात जनकवि बल्ली सिंह चीमा को शिरोमणि हिंदी साहित्यकार वर्ष 2018 पुरस्कार के लिए चुना गया है। तीन दिसंबर को पंजाब सरकार की ओर से पंजाबी भवन चंडीगढ़ में उनके नाम की घोषणा की गई। देश में चल रहे किसान आंदोलन को जन कवि चीमा ने समर्थन दिया और किसानों के समर्थन में ‘हम भारत के किसान…’ गीत भी लिखा है। चीमा ने शिरोमणि हिंदी साहित्यकार पुरस्कार के लिए चुने जाने पर पंजाब सरकार का आभार जताया है। उन्होंने बताया कि मैंने हमेशा जनता के संघर्ष के बीच रहकर जनता के लिए लेखन किया है और आगे भी जनपक्ष धर कवि के रूप में जन संघर्ष से जुड़ा रहूंगा। मैं देश में चल रहे किसान आंदोलन का पूर्ण समर्थन करता हूं। उन्होंने किसानों के समर्थन में एक गीत प्रस्तुत किया है।

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जनकवि चीमा ने बताया कि तीन दिंसबर को पंजाब सरकार के उच्च शिक्षा और भाषा मंत्री सरदार राजिंदर सिंह बाजवा की अध्यक्षता में हुई राज्य सलाहकार बोर्ड की बैठक में भाषा विभाग पंजाब की ओर से साहित्य और कला के लिए 18 अलग-अलग वर्गों में साहित्य रत्न और शिरोमणि पुरस्कारों की घोषणा की गई। इसमें वर्ष 2015 के लिए विनोद शाही, वर्ष 2016 के लिए सुखविंदर कौर, वर्ष 2017 के लिए राजी सेठ, वर्ष 2018 के लिए बल्ली सिंह चीमा, वर्ष 2019 के लिए अजय शर्मा, वर्ष 2020 के लिए डा. कीर्ति को चुना गया है। बताते चले कि जनकवि बल्ली सिंह चीमा को वर्ष 2005 में कुमाऊं गौरव सम्मान, वर्ष 2012 में गंगा शरण सिंह पुरस्कार, वर्ष 2014 जनकवि गिर्दा सम्मान, वर्ष 2017 मेें कविता कोष सम्मान से नवाजा गया है।

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