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भारत को राज्य ने दिए 9 प्रधानमंत्री, तभी कहते हैं जो उत्तर प्रदेश जीता… वो चुनाव जीता


Uttar Pradesh: Prime Minister: History: 9 नवम्बर 2000 में उत्तराखंड की स्थापना हुई। इससे पूर्व यह राज्य भी उत्तरप्रदेश की परिधि के भीतर ही समाहित था। भारतीय राजनीति का गढ़ कहे जाने वाले उत्तरप्रदेश ने अब तक भारत को 15 में से 9 प्रधानमंत्री दिए हैं। इन 9 प्रधानमंत्रियों में से 8 प्रधानमंत्री उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश ने मिलकर भारत को दिए हैं। देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और वर्त्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी उत्तरप्रदेश की जनता ने ही चुना है।

आइए उत्तरप्रदेश से चुने गए सभी प्रधानमंत्रियों के बारे में संक्षेप में जानते हैं

जवाहर लाल नेहरू

आजादी के बाद वर्ष 1951 में पहले पहला लोकसभा चुनाव हुआ इस लोकसभा चुनाव में भारत को जवाहर लाल नेहरू के रूप में देश का पहला प्रधानमंत्री प्राप्त हुआ। जवाहर लाल नेहरू 1951 से 1962 तक सबसे लम्बे समय तक प्रधानमंत्री पद पर कार्यरत नेता हैं। 1951-1952, 1952-1957, 1957-1962 और 1962-64 के लोकसभा चुनाव में नेहरू ने उत्तरप्रदेश की फूलपुर सीट से लगातार जीत हासिल की थी।

लाल बहादुर शास्त्री

वर्ष 1962 में प्रधानमंत्री नेहरू की मृत्यु के बाद लाल बहादुर शास्त्री भारत के दूसरे प्रधानमंत्री बने। लाल बहादुर शास्त्री ने इलाहबाद लोकसभा सीट से चुनाव जीता था और 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966 तक प्रधानमंत्री के पद पर कार्यरत रहे थे।

इंदिरा गाँधी

लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री नेहरू की बेटी इंदिरा गाँधी 1966 में देश की तीसरी प्रधानमंत्री बनी। वह उस समय राज्य सभा की सांसद थी। इसके बाद वर्ष 1967 में हुए लोकसभा चुनाव में उन्होंने उत्तरप्रदेश की रायबरेली सीट से चुनाव जीता और फिर से प्रधानमंत्री बनी। इंदिरा गाँधी वर्ष 1966 से वर्ष 1977 और 1980 से 1984 तक प्रधानमंत्री पद पर कार्यरत रहीं।

चौधरी चरण सिंह

1977 के लोकसभा चुनाव में उत्तरप्रदेश की बागपत सीट से चुनाव जीत था। चौधरी चरण सिंह 1979 में देश के पांचवे प्रधानमंत्री बने। उन्होंने यह चुनाव भारतीय लोक दल के टिकट पर लड़ा था। चौधरी चरण सिंह का कार्यकाल 28 जुलाई साल 1979 से लेकर 14 जनवरी 1980 तक रहा।

राजीव गाँधी

1984 के लोकसभा चुनाव में 515 सीटों पर चुनाव हुआ था इस चुनाव में राजीव गाँधी के नेतृत्व में कांग्रेस को 415 सीटों का रिकॉर्ड आंकड़ा प्राप्त हुआ। भारतीय चुनाव के इतिहास में रिकॉर्ड बनाने वाले राजीव गाँधी ने यह चुनाव उत्तरप्रदेश की अमेठी सीट से जीता था। राजीव गाँधी 1984 से 1989 तक प्रधानमंत्री पद पर कार्यरत रहे थे।

विश्वनाथ प्रताप सिंह

विश्वनाथ प्रताप सिंह (वी.पी. सिंह) राजीव गांधी के निधन के बाद देश के प्रधानमंत्री बने। वी.पी. सिंह 2 दिसंबर साल 1989 से लेकर 10 दिंसबर साल 1990 तक देश के प्रधानमंत्री रहे। वह उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीट से सांसद चुने गए थे।

चंद्रशेखर

1989 में चंद्रशेखर के रूप में देश को 11 वां प्रधानमंत्री मिला। उत्तरप्रदेश की बलिया सीट से चुनाव जीतने वाले चंद्रशेखर 10 नवंबर 1990 से लेकर 21 जून 1991 तक कार्यरत रहे।

अटल बिहारी वाजपेयी

अटल बिहारी वाजपेयी दो बार प्रधानमंत्री पद का दायित्व संभाल चुके हैं। वह पहली बार 1996 में प्रधानमंत्री के रूप में चुने गए लेकिन उनका पहला कार्यकाल केवल 13 दिन का ही रहा। उन्होंने यह चुनाव गुजरात की गांधीनगर और उत्तरप्रदेश की लखनऊ सीट से जीता था। 1998 में उत्तरप्रदेश की लखनऊ सीट से चुनाव लड़कर जीते अटल बिहारी वाजपेयी ने 2004 तक अपना 5 वर्षों का कार्यकाल पूरा किया था।

नरेंद्र मोदी

2014 में नरेंद्र मोदी के रूप में देश को अपना 15वां और वर्त्तमान प्रधानमंत्री मिला। 2014 में प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तरप्रदेश की वाराणसी और गुजरात की वडोदरा सीट से चुनाव जीता था। इसके बाद उन्होंने वडोदरा की सीट छोड़कर 2019 में दोबारा वाराणसी की सीट से चुनाव लड़ा और दोबारा जीत हासिल की। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी प्रधानमंत्री मोदी उत्तरप्रदेश की वाराणसी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले हैं।

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