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ऋषिकेश AIIMS पर HIV मामले में आयोग का बड़ा फैसला, मुआवजा और खर्च देना होगा; जानिए पूरा मामला

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UttarakhandNews | AIIMSRishikesh | ConsumerCommission : उत्तराखंड राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एम्स ऋषिकेश से जुड़े एक मामले में हरिद्वार जिला उपभोक्ता आयोग के पुराने फैसले को बरकरार रखा है। मामला एक व्यक्ति के मेडिकल रिकॉर्ड में बिना मान्य जांच के एचआईवी पॉजिटिव दर्ज किए जाने से जुड़ा है।

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राज्य आयोग ने एम्स की अपील खारिज करते हुए जिला आयोग के उस आदेश को सही माना…जिसमें संस्थान को कुल 60 हजार रुपये देने के निर्देश दिए गए थे। इसमें 50 हजार रुपये मुआवजा और 10 हजार रुपये मुकदमेबाजी खर्च शामिल हैं।

मामला वर्ष 2014 का है। तब तबीयत खराब होने के बाद संबंधित व्यक्ति को इलाज के लिए एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि अस्पताल से छुट्टी के समय तैयार किए गए मेडिकल रिकॉर्ड में उसे एचआईवी पॉजिटिव दर्ज कर दिया गया।

बाद में व्यक्ति ने देहरादून के दो अलग-अलग अस्पतालों में जांच कराई। दोनों जगह की रिपोर्ट में वह एचआईवी निगेटिव पाया गया। इन रिपोर्टों को बाद में उपभोक्ता आयोग के सामने भी प्रस्तुत किया गया।

राज्य आयोग की अध्यक्ष कुमकुम रानी और सदस्य सीएम सिंह ने 17 अगस्त को दिए आदेश में कहा कि एचआईवी जैसी गंभीर बीमारी के संबंध में निष्कर्ष दर्ज करते समय निर्धारित जांच और चिकित्सा प्रोटोकॉल का पालन बेहद जरूरी है।

आयोग ने पाया कि एम्स यह साबित नहीं कर सका कि मेडिकल रिकॉर्ड में दर्ज एचआईवी पॉजिटिव निष्कर्ष किसी मान्य जांच के आधार पर दिया गया था।

सुनवाई के दौरान एम्स की ओर से कहा गया कि उस समय संस्थान में एचआईवी जांच के लिए ICTC की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। संस्थान ने यह भी कहा कि उसने व्यक्ति को आधिकारिक रूप से एचआईवी पॉजिटिव घोषित नहीं किया था।

हालांकि आयोग ने मेडिकल रिकॉर्ड में बार-बार एचआईवी पॉजिटिव लिखे होने को महत्वपूर्ण माना और एम्स की दलील को स्वीकार नहीं किया।

आयोग के अनुसार बिना पर्याप्त चिकित्सकीय प्रमाण के किसी व्यक्ति के आधिकारिक मेडिकल रिकॉर्ड में एचआईवी पॉजिटिव दर्ज करना गंभीर लापरवाही है। इससे संबंधित व्यक्ति को मानसिक परेशानी और सामाजिक स्तर पर भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

इसी आधार पर राज्य उपभोक्ता आयोग ने हरिद्वार जिला आयोग के 22 अप्रैल 2019 के आदेश को बरकरार रखते हुए एम्स की अपील खारिज कर दी।

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