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उत्तराखंड में ठगी, 15 हजार दें, बिना लाइन में लगे लगवाएं वैक्सीन

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देहरादून: कोरोना वायरस से बचने के लिए वैक्सीन ही एक मात्र उपाय है। पहले तो वैक्सीन लगाने के संबंध में जानकारी मिलना आसान था लेकिन 18 साल आयु के लिए जब से वैक्सीनेशन शुरू हुआ तब से वैक्सीन स्लॉट बुक करने के लिए मारामारी हो रही है। कुछ ही मिनटों में वैक्सीन स्लॉट फुल हो जा रहा है। लोग परेशान हैं और इसका फायदा साइबर ठग उठा रहे हैं।

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एक मामला देहरादून से सामने आया है। शनिवार सुबह साइबर ठगों ने टर्नर रोड स्थित वेलमेड अस्पताल के नंबर को हैक किया। वह वैक्सीन के नाम पर पूछताछ करने वालों के अपने जाल में फंसा रहे थे। वैक्सीनेशन के नाम पर रुपए मांग रहे थे। अस्पताल प्रबंधन के पास जब इसकी शिकायत पहुंची तो उन्होंने पुलिस को सूचित किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

वैक्सीनेशन के संबंध में अस्पताल ने हेल्प लाइन नंबर जारी किया हुआ है। कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या या इलाज के बारे में जानकारी ले सकता है। जैसे की सरकार ने निजी अस्पतालों को भी वैक्सीन लगाने की अनुमति दे दी है तो काफी लोग जानकारी के लिए संपर्क करते हैं। सार्वजनिक किए गए इस संपर्क नंबर को साइबर ठगों ने आगे फारवर्ड कर दिया है। इस नंबर पर संपर्क करने पर व्यक्ति का कॉल हॉस्पिटल पर ना आकर ठगों के पास पहुंच रहा था। इसके बाद ठग दूसरे नंबर से फोन करके टोकन मनी के नाम पर 10 से 15 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं।

वेलमेड अस्पताल का कहना है कि ऑफिशियल मोबाइल नंबर किसी ने हैक कर दिया है। अज्ञात व्यक्ति फोन करने वालों से वैक्सीन व बेड के नाम पर ठगी कर रहा है। अस्पताल प्रशासन ने क्लेमेनटाउन थाने में मुकदमा दर्ज करवा दिया है। दूसरी ओर सीओ सिटी शेखर सुयाल का कहना है कि वैक्सीन के नाम पर पैसे मांगने संबंधी एक शिकायत आई है। मोबाइल की लोकेशन के लिए एसओजी लगाया हुआ है। जांच में सामने आया है कि फोन झारखंड से किया जा रहा है।

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