Pithoragarh News

सिपाही से लेफ्टिनेंट तक का सफर, पिथौरागढ़ के गिरीश पैंतोला को देश में मिला 11वां स्थान

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Uttarakhand News: Girish Pantola: उत्तराखंड की वीरभूमि पिथौरागढ़ के धारचूला क्षेत्र के छोटे से गांव छारछुम से निकलकर 24 वर्षीय गिरीश चंद्र पैंतोला ने एक ऐसा मुकाम हासिल किया है, जो देश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है। हाल ही में हुई आर्मी कैडेट कॉलेज (ACC) की परीक्षा में गिरीश ने पूरे भारत में 11वीं रैंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास से हर मंज़िल को पाया जा सकता है।

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चार साल पहले गिरीश बतौर सिपाही इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) देहरादून में भर्ती हुए थे। वहां उन्होंने कठोर प्रशिक्षण और अनुशासित जीवन के बीच अपनी पढ़ाई जारी रखी और ACC की परीक्षा में सफलता पाई। अब गिरीश सेना में एक अधिकारी, यानी लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त होंगे – यह सफर सिपाही से अफसर बनने की असली मिसाल है।

गिरीश एक सैनिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता मनोहर पैंतोला खुद भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके हैं और वर्तमान में धारचूला में रेडीमेड कपड़ों की दुकान चलाते हैं। उनकी मां गोदावरी देवी एक गृहणी हैं, जबकि बड़े भाई दीपेश पैंतोला भी सेना में नायक के पद पर कार्यरत हैं। गिरीश की प्रारंभिक शिक्षा आर्मी पब्लिक स्कूल धारचूला से और इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय एनएचपीसी निगालपानी से हुई।

गिरीश का यह सफर न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने यह साबित किया है कि साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले युवा भी असाधारण ऊंचाइयों को छू सकते हैं, बस ज़रूरत है समर्पण और लक्ष्य के प्रति अडिग रहने की।

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