
Uttarakhand Homestay Policy | Village Tourism | Cluster Homestay Scheme | Tourism Jobs | Dehradun News : उत्तराखंड में बढ़ते पर्यटक और तीर्थ यात्रियों की संख्या को देखते हुए राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में होम स्टे व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य जहां पर्यटकों को बेहतर ठहरने की सुविधा देना है…वहीं गांवों में स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी पैदा करना है।
नई व्यवस्था के तहत अब गांवों में लोग मिलकर समूह, सोसायटी या सहकारी संस्था बनाकर भी सामुदायिक होम स्टे संचालित कर सकेंगे। इसके लिए तीन से छह गांवों को मिलाकर क्लस्टर आधारित मॉडल तैयार किया जाएगा…जिस पर सरकार की ओर से सब्सिडी और अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी।
पर्यटन विभाग ने कहा कि उत्तराखंड पर्यटन यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली में बदलाव कर होम स्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट को एकीकृत किया गया है। कैबिनेट के फैसले के बाद इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है।
नए नियमों के तहत अब होम स्टे में अधिकतम आठ कमरे और 24 बेड तक की अनुमति होगी…जबकि पहले यह सीमा कम थी।
होम स्टे को मिलेगी तीन श्रेणियां
नई व्यवस्था में होम स्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट इकाइयों को सुविधाओं के आधार पर गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज श्रेणी में बांटा जाएगा। इससे बेहतर सेवाएं देने वाली इकाइयों को अधिक लाभ मिलेगा।
ग्रामीणों को मिलेगा बड़ा फायदा
सरकार ने होम स्टे को गैर-व्यावसायिक गतिविधि मानते हुए पानी, बिजली और हाउस टैक्स जैसी सुविधाएं घरेलू दरों पर देने का निर्णय लिया है। इससे ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से राहत मिलेगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रमुख प्रावधान
होम स्टे पंजीकरण का नवीनीकरण 5 साल बाद होगा
ऑनलाइन शुल्क जमा पर नवीनीकरण मान्य होगा
होम स्टे पंजीकरण शुल्क 1000 तय
अन्य इकाइयों के लिए 5000 से 30000 तक शुल्क
नियम तोड़ने पर 10,000 का जुर्माना
लगातार उल्लंघन पर 1000 प्रतिदिन अतिरिक्त जुर्माना
पर्यटन इकाइयों की सूची में शामिल होंगे ये विकल्प
होटल, रिसॉर्ट, गेस्ट हाउस, धर्मशाला, आश्रम, टेंट कॉलोनी, हाउसबोट, होम स्टे, बेड एंड ब्रेकफास्ट, योग-आयुर्वेद रिसॉर्ट, इको टूरिज्म यूनिट्स सहित कई प्रकार की आवासीय सुविधाएं शामिल होंगी।






