
Khushi Chand | Boxing Champion | Himalaya Ratna Award : सीमांत जिले पिथौरागढ़ के बड़ालू गांव की रहने वाली युवा मुक्केबाज खुशी चंद को उत्तराखंड सरकार के प्रतिष्ठित हिमालय रत्न खेल पुरस्कार के लिए चुना गया है। इस खबर के सामने आने के बाद खुशी के परिवार के साथ-साथ पूरे जिले के खेल प्रेमियों में खुशी का माहौल है।
साधारण किसान परिवार से आने वाली खुशी ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर मुक्केबाजी में अलग पहचान बनाई है। उनके माता-पिता खेती-बाड़ी और पशुपालन से परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद खुशी ने खेल के क्षेत्र में लगातार शानदार प्रदर्शन किया और राष्ट्रीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का नाम रोशन किया।
खुशी चंद के परिवार का मुक्केबाजी से पुराना जुड़ाव है। उनकी बड़ी बहन निकिता चंद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। वहीं छोटे भाई नीरज चंद ने भी राज्य स्तर की प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया है और वह फिलहाल मुक्केबाजी का प्रशिक्षण ले रहे हैं।
ऐसे में खुशी को बचपन से ही घर में खेल का माहौल मिला। इसी माहौल और लगातार अभ्यास ने उन्हें मुक्केबाजी में आगे बढ़ने का मौका दिया।
सब जूनियर नेशनल में लगातार जीते गोल्ड
खुशी चंद का खेल रिकॉर्ड भी काफी प्रभावशाली रहा है। उन्होंने वर्ष 2023 में सब जूनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया था। इसके बाद मार्च 2024 में आयोजित सब जूनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भी उन्होंने गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की।
लगातार दो राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतने के बाद खुशी का आत्मविश्वास और बढ़ा। इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन किया।
एशियन चैंपियनशिप में जीता कांस्य
9 सितंबर को अबूधाबी में आयोजित एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में खुशी ने कांस्य पदक अपने नाम किया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान मजबूत की।
इसके अलावा 2025 एशियन यूथ गेम्स में 46 किलोग्राम भार वर्ग में खुशी ने चीन की मुक्केबाज को हराकर शानदार प्रदर्शन किया। उनके इस प्रदर्शन ने भारतीय मुक्केबाजी में उनकी संभावनाओं को और मजबूत किया।
हिमालय रत्न मिलने से बढ़ा हौसला
अब उत्तराखंड सरकार ने खुशी चंद के खेल प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें हिमालय रत्न खेल पुरस्कार के लिए चुना है। इस सम्मान की घोषणा के बाद बड़ालू गांव समेत पूरे पिथौरागढ़ जिले में खुशी का माहौल है।
परिवार को जैसे ही मंगलवार को पुरस्कार के लिए चयन की जानकारी मिली….तो घर में खुशी का माहौल बन गया। परिवार के लोग बेटी की उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं। खुशी की इस सफलता पर गांव में बुधवार को जश्न मनाने की तैयारी भी है।
माता-पिता ने मेहनत को दिया सफलता का श्रेय
खुशी के पिता सुरेश चंद और मां दीपा देवी खेती-बाड़ी और पशुपालन करते हैं। बेटी की उपलब्धि से दोनों बेहद खुश हैं। उन्होंने खुशी की सफलता का श्रेय उसकी मेहनत, लगन और लगातार अभ्यास को दिया।
खुशी के फूफा और कोच विजेंद्र मल्ल ने कहा कि वह इस सम्मान की पूरी तरह हकदार हैं। उन्होंने बताया कि खुशी लगातार बॉक्सिंग में आगे बढ़ रही हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता रखती हैं।
कोच के मुताबिक खुशी का लक्ष्य इससे भी बड़े मंच पर देश के लिए पदक जीतना है। उनकी मेहनत और खेल के प्रति समर्पण उन्हें आने वाले समय में नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।






