
Kichha Election | Rajesh Shukla | Congress: किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव के नतीजों के बाद ऊधम सिंह नगर की स्थानीय राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। दोनों नगर पालिकाओं के अध्यक्ष पद पर कांग्रेस प्रत्याशियों की जीत ने कांग्रेस खेमे में उत्साह बढ़ाया है। वहीं, किच्छा में भाजपा प्रत्याशी की हार के बाद पूर्व विधायक राजेश शुक्ला की चुनावी रणनीति और राजनीतिक प्रभाव को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
किच्छा नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस के राजेश प्रताप सिंह ने भाजपा प्रत्याशी संदीप अरोड़ा को हराया। दूसरी ओर सिरौलीकलां में कांग्रेस की राशिदा बेगम ने निर्दलीय प्रत्याशी फरहीन जहां को शिकस्त दी। इस तरह दोनों नगर पालिकाओं के अध्यक्ष पद कांग्रेस के खाते में गए।
किच्छा का चुनाव शुरुआत से ही कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ और भाजपा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के बीच राजनीतिक प्रभाव की परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा था। भाजपा की ओर से संदीप अरोड़ा चुनाव मैदान में थे, जबकि कांग्रेस ने राजेश प्रताप सिंह को प्रत्याशी बनाया था। चुनाव प्रचार के दौरान दोनों पक्षों ने अपने प्रत्याशियों की जीत के लिए जोर लगाया।
मतदान के बाद मामला उस समय और चर्चा में आ गया…जब स्ट्रांग रूम के बाहर दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच विवाद हुआ। स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस ने दोनों नेताओं को हिरासत में लिया था। इसके बाद मतगणना को लेकर भी मामला अदालत तक पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद 7 अक्टूबर को किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव की मतगणना कराई गई।
मतगणना के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। किच्छा में मतगणना के लिए 20 टेबल लगाई गई थीं…जबकि सिरौलीकलां में चार टेबल पर मतों की गिनती हुई। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के साथ ड्रोन से भी निगरानी की गई।
नतीजे आने के बाद किच्छा की राजनीतिक तस्वीर कांग्रेस के पक्ष में रही। यही वजह है कि अब स्थानीय राजनीति में राजेश शुक्ला की भूमिका और उनके चुनावी प्रबंधन को लेकर चर्चा हो रही है। चुनाव से पहले भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में शुक्ला की सक्रियता को देखते हुए इस सीट का परिणाम उनके लिए भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा था।
सिरौलीकलां में भी कांग्रेस ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। कांग्रेस प्रत्याशी राशिदा बेगम ने निर्दलीय फरहीन जहां को हराया। उपलब्ध परिणाम के अनुसार राशिदा बेगम को 5434 वोट मिले…जबकि फरहीन जहां को 3661 वोट मिले।
सिरौलीकलां में कांग्रेस ने अध्यक्ष पद के साथ चारों वार्डों में भी जीत दर्ज की। इससे कांग्रेस के लिए नगर पालिका चुनाव का परिणाम और मजबूत हो गया।
किच्छा और सिरौलीकलां के नतीजों के बाद अब स्थानीय राजनीति में इस बात पर चर्चा शुरू हो गई है कि इन चुनाव परिणामों का आने वाले समय में दोनों प्रमुख राजनीतिक खेमों पर क्या असर पड़ेगा। खासकर किच्छा में भाजपा प्रत्याशी की हार के बाद राजेश शुक्ला के राजनीतिक प्रभाव और संगठनात्मक रणनीति को लेकर आगे की राजनीति में भी नजरें बनी रहेंगी।



