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घर भी संभाला और बच्चों को भी… अब रश्मि नौटियाल को मिली UKPSC परीक्षा में सफलता


Rashmi Nautiyal Dehradun: Dehradun Success Story:

हमारी संस्कृति में स्त्री को शक्ति की मान्यता प्राप्त है। आज के बदलते समय में कई लोगों के व्यवहार और चरित्र के बारे में ऑनलाइन जानकारी मिल जाती है, वहीं देवभूमि की उन्नति में महिलाओं के योगदान की ख़बरें भी प्रकाशित होती हैं। यह ख़बरें इन महिलाओं की रील वायरल होने से सम्बन्ध नहीं रखती बल्कि लाख चुनौतियों का सामना करने के बाद भी उन महिलाओं द्वारा जीत का ध्वज लहराने से जुड़ी होती हैं। हालांकि देववभूमि की स्त्रियाँ अपने हर कार्य में अपने परिवार और कुल का नाम रोशन करने के लिए प्रयास भी करती हैं। आज हम एक ऐसी ही कहानी की बात करेंगे, जो युवाओं को प्रेरित तो कर ही रही है साथ ही महिलाओं की इच्छा शक्ति को भी परिभाषित कर रही है। यह कहानी है रश्मि नौटियाल की जिन्होंने लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर (वाणिज्य) पद की परीक्षा में उत्तीर्ण कर ली है।

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जी हाँ, देहरादून जौनसार बावर की चातरा गांव निवासी रश्मि नौटियाल ने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सहायक प्रोफेसर की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। बता दें कि रश्मि दो बच्चों कि माँ भी हैं। अब आप समझिए कि घर संभालने और बच्चों की अच्छी परवरिश की ज़िम्मेदारी के बाद भी रश्मि ने अपनी इच्छा से यह परीक्षा उत्तीर्ण की है। जहाँ कई स्त्री-पुरुष कुछ बाधाओं, समस्याओं या चुनौतियों के आगे कुछ ही समय में आत्मसमर्पण कर देते हैं। वहीं रश्मि ने सभी ज़िम्मेदारियों के साथ-साथ अपना सपना पूरा कर दिखाया है। रश्मि की यह उपलब्धि पूरे देश को शिक्षा दे रही है कि देवभूमि उत्तराखंड की महिलाएं पतिव्रता धर्म निभाते हुए सौ ज़िम्मेदारियों को सर पर रखा बोझ नहीं समझती बल्कि देह पर सजा आभूषण बना लेती हैं।

बता दें कि रश्मि नौटियाल के पति राम प्रकाश नौटियाल आईआरडीई, डीआरडीओ, देहरादून के वरिष्ठ वैज्ञानिक हैं। राम इससे पहले रश्मि ने 2014 में नेट परिक्षा उत्तीर्ण कर दो विषयों (वाणिज्य व अर्थशास्त्र) में परास्नातक व B.Ed किया। इसके साथ ही सैट, सीटैट व यूटैट जैसी कठिन परीक्षाओं को उत्तीर्ण किया था। रश्मि विगत सात वर्षों से उत्तराखंड के राजकीय महाविद्यालय में संविदा प्रवक्ता के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। भले ही रश्मि अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने गुरु एवं परिवार को दे रही हैं, लेकिन हम सब जानते हैं कि सुबह से लेकर शाम तक पारिवारिक बंधनों का पालन करते हुए अपना सपना इस तरह पूरा करना, कि वो लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन जाए इतना सरल नहीं होता। रश्मि नौटियाल को उनकी इस उपलब्धि पर हमारी तरफ से भी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

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