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पेट्रोल पंप पर काम करते हैं पिता, बेटा प्रदीप सिंह सिविल सेवा परीक्षा पास कर बना IAS

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यूपीएससी 2019 का परीक्षा परिणाम घोषित हो चुका है। देशभर में लाखों बच्चों में से 829 लोग लिस्ट में जगह बनाने में कामयाब रहे। वैसे तो टॉप करने वाले हर विद्यार्थी की एक अलग कहानी होती है। लेकिन इंदौर के प्रदीप सिंह का संघर्ष थोड़ा अलग है। प्रदीप सिंह ने इस साल यूपीएससी की परीक्षा पास करके 26 वीं रैंक लाकर अपना आईएएस बनने का सपना पूरा किया।

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प्रदीप ने 2 साल पहले भी केवल 22 साल की उम्र में सिविल सेवा परीक्षा पास की थी, और 93 रैंक के साथ रिवेन्यू सर्विस हासिल करने में कामयाब रहे थे। तब वह आईएएस बनने से मात्र 1 रैंक से चुके थे। पिछली रैंक के कारण वह अभी असिस्टेंट कमिश्नर के तौर पर इनकम टैक्स विभाग में कार्यरत हैं।

बेटे की तैयारी के लिए बेचना पड़ा घर

प्रदीप के पिता एक पेट्रोल पंप में कार्य करते हैं। वह मूल रूप से बिहार के गोपालगंज के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि प्रदीप की पढ़ाई जारी रहे और का सपना पूरा हो इसके लिए परिवार को घर बेचने तक की नौबत आ गई। प्रदीप ने बताया कि उनके पिता ने अपना घर बे बेचने से पहले ज्यादा नहीं सोचा और घर बेचकर उसे तैयारी के लिए दिल्ली भेजा। प्रदीप ने पहले ही प्रयास में 2018 में परीक्षा पास कर दी थी और अब फिर से वह टॉपर बन गए हैं|प्रदीप के घर में जश्न का माहौल है और बधाई देने वालों की लाइन लगी है।

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प्रदीप ने बताया कि एक रैंक से रह जाने पर उन्हें आईएएस बनने के लिए और भी कड़ी मेहनत करनी पड़ी| और उनका लक्ष्य था कि उनकी 70-80 के अंदर रैंक आ जाए| वह इस सफलता से खुश हैं और बहुत बड़े मकसद के साथ देश सेवा करना चाहते हैं।

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