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नेपाल में बाढ़ से हाहाकार, सैकड़ों मौतें और बड़ी संख्या में लोग लापता; उत्तराखंड भी अलर्ट, सरकार ने हेल्पलाइन नंबर किए जारी

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Nepal Flood | Uttarakhand Helpline | Disaster Update : नेपाल में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं….और कई इलाकों में सड़क, पुल, घर और दूसरी जरूरी सुविधाएं प्रभावित हुई हैं। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक नेपाल में मृतकों की संख्या बढ़कर 300 से ज्यादा हो चुकी है…जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं।

यह आपदा 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास भोटेकोशी नदी क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ के बाद शुरू हुई। शुरुआती जानकारी में ग्लेशियर या बर्फ-पत्थर के मलबे से नदी में अचानक पानी बढ़ने की बात सामने आई है। बाढ़ का असर रसुवा, नुवाकोट समेत आसपास के कई इलाकों में पड़ा है।

उत्तराखंड सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

नेपाल में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के प्रभावित होने की जानकारी के बाद उत्तराखंड सरकार ने प्रदेशवासियों की सहायता के लिए राज्य और देहरादून जिला स्तर पर 24 घंटे चलने वाले हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

राज्य स्तरीय हेल्पलाइन: 0135-2710334, 0135-2710335 0135-2664314, 0135-2664315, 0135-2664316 मोबाइल: 8218877005 टोल फ्री: 1070

देहरादून जिला हेल्पलाइन: 0135-2726066, 0135-2626066 मोबाइल: 7534826066 टोल फ्री: 1077

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नेपाल में मौजूद अपने परिजनों या परिचितों से संबंधित जानकारी और सहायता के लिए इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। लोगों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को भी कहा गया है।

भारत ने भी बढ़ाया मदद का हाथ

नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए भारत सरकार की ओर से भी राहत और बचाव प्रयास किए जा रहे हैं। ताजा जानकारी के अनुसार भारत ने नेपाल के लिए राहत सामग्री भेजी है….और प्रभावित भारतीयों के संपर्क में रहने के प्रयास किए जा रहे हैं।

बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। कुछ जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है….जिससे प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान में मुश्किलें आ रही हैं।

लगातार जारी है राहत और बचाव अभियान

नेपाल और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव टीमें लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटी हैं। कई इलाकों में संचार और आवागमन प्रभावित होने के कारण लापता लोगों की तलाश चुनौती बनी हुई है।

नोट: नेपाल में मृतकों और लापता लोगों की संख्या लगातार बदल रही है। इसलिए ऊपर दी गई संख्या को उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के आधार पर बताया गया है।

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