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दिनेश कार्तिक की वो पारी जो पाकिस्तान कभी नहीं भूला लेकिन हम भारतीय भूल गए


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हल्द्वानी: पंकज पांडे: भारतीय टीम कुछ ही दिनों बाद साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज़ खेलने वाली है। टी-20 सीरीज़ की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है क्योंकि आईपीएल में दमदार खेल दिखाने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ( Dinesh kartik returns) की वापसी हो रही है। कार्तिक करीब तीन साल बाद भारतीय टीम में वापसी कर रहे हैं। दिनेश कार्तिक को लेकर लाखों क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों ने धारणा यह बनाई थी कि उनका क्रिकेट खत्म हो गया है लेकिन डीके ने जो वापसी की है वो कई खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी।

दिनेश कार्तिक ने साल 2004 में किया वनडे डेब्यू

ऐसा नहीं है कि दिनेश कार्तिक भारतीय क्रिकेट में कोई नया नाम है। कम लोगों को पता होगा कि कार्तिक ने महेंद्र सिंह धोनी से पहले टेस्ट और वनडे डेब्यू कर लिया था। इसके अलावा भारत के पहले टी-20 मुकाबले में साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने टीम को जीत दिलाई थी। यह मैच साल 2007 में खेला गया था। कार्तिक कई यादगार पलों में टीम के सदस्य रहे हैं। चाहे वह पहला टी-20 विश्वकप हो जो भारत ने जीता था। इसके अलावा साल 2013 में टीम इंडिया चैपियंस ट्रॉफी भी जीती और डीके टीम का हिस्सा थे। दिनेश कार्तिक ने भारत के लिए 94 वनडे, 25 टेस्ट और 32 टी-20 मैच खेले हैं। हालांकि कोई खास रिकॉर्ड तो नहीं हैं लेकिन कुछ पारियां हैं जो भारतीय टीम की नैया पार लगाने में काम आई हैं।

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युवा कार्तिक की शानदार पारी, पाकिस्तान का टूटा सपना

साल 2004 में दिनेश कार्तिक ने भारतीय टेस्ट टीम के लिए डेब्यू किया था। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुंबई के वानखड़े में मुकाबला था और लो स्कोरिंग मुकाबले को टीम ने 13 रनों से जीता था। इस मैच से पहले भारतीय टीम 0-2 से सीरीज़ में पीछे थी। पहले तीन मैच में पार्थिव पटेल टीम के विकेटकीपर थे लेकिन नागपुर टेस्ट में खराब विकेटकीपिंग की वजह से चौथे टेस्ट में कार्तिक को मौका दिया। जो भी रहा हो कार्तिक की एंट्री भारतीय टीम के लिए लकी साबित हुई और बतौर क्रिकेट फैंस हमें खुशी हुई कि एक युवा खिलाड़ी टीम के लिए लकी साबित हुआ। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज़ 1-2 पर समाप्त हुई। चैन्नई टेस्ट में बारिश नहीं होती तो सीरीज़ 2-2 की बराबरी पर छूट सकती थी।

कार्तिक की वो पारी जिसने तोड़ा पाकिस्तान का सपना

साल 2005 में खेली गई यह सीरीज़ 1-1 पर रही थी लेकिन सपना दोनों ही टीमों का टूटा था। पहला मैच मोहाली में खेला गया था और भारतीय टीम जीत के करीब थी। लेकिन जैसा टेस्ट मैच में होता है एक घंटा पूरा खेल खराब कर देता है। ऐसा ही कुछ हुआ और कामरान अकमल ने शतक जड़ दिया और मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ। दूसरा मैच कोलकाता में था। इस मैच को कई कारणों से याद किया जाता है। सचिन तेंदुलकर को अंपायर स्टीव बकनर ने गलत आउट दिया। राहुल द्रविड़ ने दोनों पारियों में शतक जड़ा। उन्होंने पहली पारी में 110 और 135 रनों की पारी खेली। एक वक्त पाकिस्तान मुकाबले में वापसी कर रहा था और युवा दिनेश कार्तिक ने वो काम कर दिया जो उनके टैलेंट के अलावा किसी ने नहीं सोचा था।

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भारत ने पहली पारी में 407 रन बनाए। राहुल द्रविड ने 110, वीरेंद्र सहवाग ने 81, सचिन तेंदुलकर ने 52 और दिनेश कार्तिक ने 28 रनों का योगदान दिया। जवाब में पाकिस्तान ने 393 बना दिए। दूसरी पारी में भारतीय टीम को लगातार झटके लगे। द्रविड ने 135 और सचिन ने 52 जरूर बनाए थे लेकिन पाकिस्तान के सभी बल्लेबाज फॉर्म में थे और विरोधी टीम से लड़ने के लिए भारत को बड़े लक्ष्य की ओर जाना था। इसी बीच पिच पर उतरे दिनेश कार्तिक जो अभी कि तरह ही आकर्षित तो लगते ही थे। कार्तिक ने पाकिस्तान के खिलाफ 93 रनों की पारी खेली। उनके करियर की यह पहली फिफ्टी थी। उन्होंने द्रविड के साथ शानदार साझेदारी की। इसके अलावा इरफान पठान ने 28 रन बनाए और भारत ने पाकिस्तान को 422 रनों का लक्ष्य दिया।

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कई लोग सोचेंगे कि 422 रन तो चौथी पारी में काफी होते हैं लेकिन आपकों बता दें कि शाहिद आफरीदी और तौफिक उमर ने 18 ओवर में 93 रन बना लिए थे और युवा कार्तिक की पारी इस वजह से बेहद खास रही। भारत ने इस मुकाबले को 195 रनों से जीता। दूसरी पारी में अनिल कुंबले को 7 विकेट मिले थे। भले ही तीसरा मुकाबला पाकिस्तान जीतने में कामयाब रहा था लेकिन कार्तिक की 93 रनों की पारी ने पाकिस्तान का भारत में टेस्ट सीरीज़ जीतने का सपना तोड़ दिया।

देश को याद है निदाहास ट्रॉफी फाइनल

साल 2018 में भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक (Dinesh Karthik) की बांग्लादेश के खिलाफ निदाहास ट्रॉफी के फाइनल में खेली मैच विनिंग पारी को कोई भारतीय फैन नहीं भूल सकता। भारत को दो ओवरों में 34 रन चाहिए थे। आखिरी बॉल पर 5 रन चाहिए थे। दिनेश कार्तिक ने सौम्य सरकार की बॉल को कवर के ऊपर से छह रनों के लिए स्टैंड में पहुंचा दिया। इसके पहले बांग्लादेश ने भारत के सामने 167 रन का लक्ष्य रखा। दिनेश कार्तिक ने 8 गेंदों में नाबाद 28 रनों की पारी खेली थी। अब कड़े संघर्ष के बाद कार्तिक वापसी कर रहे हैं और बतौर क्रिकेट फैंस हम चाहते हैं वह अपने क्रिकेट के पीक पर रहते हुए खत्म करें जो क्रिकेट इतिहास बुक में भी यादों को दर्ज कराए।

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