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हल्द्वानी निवासी गोकुल पपोला को फोटोग्राफी के शौक ने बना दिया FOTOPANDIT

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हल्द्वानी:पिछले कुछ वक्त में फोटोग्राफी के एक नए दौर की शुरुआत हुई है। हर क्षेत्र में एक्सपर्ट फोटोग्राफर की जरूरत है। ये मुमकिन हो पाया है, इस क्षेत्र में कमाल का काम करने वाले लोगों के वजह से, जो अपने साथ युवाओं को भी मार्ग दिखा रहे हैं। एक ऐसा ही नाम बना रहे हैं हल्द्वानी निवासी गोकुल पपोला। गोकुल पपोला की पहचान अब पूरे उत्तराखंड में फोटो पंडित नाम ( FOTOPANDIT GOKUL PAPOLA) से होती है। ये नाम उनके ब्रांड का है।

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कौन हैं गोकुल पोपला

लालकुआं के एक मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मे गोकुल पपोला (GOKUL PAPOLA photographer) का जीवन आम बच्चों की तरह ही था। गोकुल के पिता स्वर्गीय गोविंद सिंह पपोला कारगिल युद्ध में देश के लिए शहीद हो गए थे। गोकुल के घर में उनके अलावा उनकी माता प्रेमा देवी हैं। जबकि बड़ी बहन की शादी 2012 में हुई थी।

स्कूल के दिनों में फोटोग्राफी का शौक

गोकुल कपकोट के छोटे से गांव से ताल्लुक रखते हैं। गोकुल ने छठीं क्लास तक पिथौरागढ़ के हॉस्टल से पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने हल्द्वानी के क्वींस स्कूल से हाई स्कूल तथा इंटर की पढ़ाई की। साल 2011 में हल्द्वानी से पढ़ाई पूरी करने के बाद वो फोटोग्राफी क्षेत्र में दाखिल हुए। गोकुल को स्कूल के दिनों से ही फोटोग्राफी और एडिटिंग का शौक होने लगा था। एमबीपीजी कॉलेज से बीकॉम के साथ उन्होंने दिल्ली जाकर एरीना एनिमेशन से एनिमेशन व फोटोग्राफी में डिप्लोमा हासिल किया।

दिल्ली का संघर्ष

कुछ क्षेत्र में ऐसे होते हैं जहां परिपक्वता के बिना आगे बढ़ना मुश्किल होता है और गोकुल को इसका अंदाजा हो गया था। उन्हें दिल्ली में काम तो मिला लेकिन दो साल तक पैसे नहीं मिले लेकिन गोकुल इससे निराश होने के बजाए अपने अनुभव में जोड़ते रहे। गोकुल कहते हैं कि परिजनों ने इस दौरान सहयोग किया। कई बार नकारात्मक सोच पीछे ले जाने लगती है लेकिन परिवार का सहयोग रहता है तो ये दौर भी निकल जाता है और ऐसा ही हुआ।

फोटो पंडित स्टूडियो की शुरुआत

साल 2013 में दिल्ली के जनकपुरी में फोटो पंडित (GOKUL PAPOLA uttarakhand) नाम से अपना स्टूडियो खोला। यह गोकुल की कलात्मक गुणवत्ता और परिश्रम के बल पर फोटो पंडित एक ब्रांड बन गया। उनके साथ कई युवा भी जुड़े जो मिलकर संस्थान का नाम रौशन कर रहे हैं। तीन साल दिल्ली में काम करने के बाद गोकुल को अपने उत्तराखंड में काम करने का ख्याल आया। उन्हें अपने लोगों को साथ में लेकर चलना था और फोटग्राफी के बारे में जानकारी देनी थी जिसकी जानकारी आज भी काफी कम लोगों को होती है।

गोकुल हल्द्वानी में वापसी

गोकुल पपोला ने 2016 में हल्द्वानी में अपने फोटो पंडित स्टूडियो का शुभारंभ किया। इसी दौरान गोकुल ने हल्द्वानी से लेकर देहरादून और तमाम पर्वतीय जिलों में फोटो पंडित को ब्रांड बना दिया। गोकुल उत्तराखंड में रहकर ही काम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह शोहरत से ज्यादा इज्जत को तवज्जो देते हैं। इसके अलावा हल्द्वानी या उत्तराखंड में काम करने से वह अपनी संस्कृति के भी करीब आए हैं।

गोकुल का युवाओं को संदेश

गोकुल की मानें तो क्रिएटिव फील्ड में हमेशा रिस्क रहता है। लेकिन वो कहते हैं ना रिस्क लेने से ही तो नाम बनता है। गोकुल हल्द्वानी में रहकर और यहां के बच्चों को इसी क्षेत्र में आगे बढ़ाकर ये सिद्ध कर रहे हैं। गोकुल चाहते हैं कि हल्द्वानी के बच्चे इस क्षेत्र में लगातार आगे बढ़े। उनका मानना है कि हल्द्वानी में फोटोग्राफी, एनिमेशन, एडिटिंग के फील्ड में बहुत प्रतिभा है। उन्होंने दिल्ली की तरह हल्द्वानी में भी टीम स्थापित की है। गोकुल अपनी टीम में हल्द्वानी के बच्चों को ज्यादा मौके दे रहे हैं। हल्द्वानी लाइव टीम की ओर गोकुल को भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।

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