
Uttarakhand | Employee Bonus | Government Order : उत्तराखंड सरकार ने राज्य के कर्मचारियों को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तदर्थ बोनस देने का आदेश जारी कर दिया है। इसके तहत पात्र कर्मचारियों को अधिकतम 7000 रुपये तक बोनस मिलेगा। वित्त विभाग की ओपर से जारी शासनादेश में बोनस के लिए पात्रता और भुगतान से जुड़ी शर्तें भी स्पष्ट की गई हैं।

सरकार के इस फैसले का लाभ राज्य के अराजपत्रित कर्मचारियों के साथ सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के पात्र कर्मचारियों को भी मिलेगा। हालांकि इसके लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं। 4,800 रुपये तक ग्रेड पे पाने वाले अराजपत्रित कर्मचारी इस बोनस के दायरे में आएंगे। ऐसे कर्मचारी भी पात्र होंगे, जो किसी अन्य उत्पादकता आधारित बोनस योजना का लाभ नहीं लेते हैं।
शासनादेश के मुताबिक बोनस पाने के लिए कर्मचारी को 31 मार्च 2026 तक कम से कम छह महीने की लगातार सेवा पूरी करनी जरूरी होगी। पूरे वित्तीय वर्ष में निरंतर सेवा देने वाले कर्मचारियों को पूरा बोनस दिया जाएगा। वहीं, छह महीने से अधिक लेकिन एक साल से कम सेवा करने वाले कर्मचारियों को उनकी सेवा अवधि के अनुपात में भुगतान किया जाएगा।
सरकार ने बोनस भुगतान को लेकर कुछ प्रतिबंध भी तय किए हैं। जिन कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई या आपराधिक मुकदमा लंबित है.…उन्हें मामले का नतीजा आने तक बोनस नहीं दिया जाएगा। यदि जांच या मुकदमे में कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो वह बोनस का पात्र नहीं होगा। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2025-26 में दंडित किए गए कर्मचारियों को भी इस सुविधा से बाहर रखा गया है।
शासनादेश में स्थानीय निकायों और विकास प्राधिकरणों के कर्मचारियों को लेकर भी व्यवस्था की गई है। लाभ की स्थिति में संबंधित निकाय अपने कर्मचारियों को बोनस दे सकते हैं…लेकिन इसके लिए भुगतान की जिम्मेदारी उसी निकाय की होगी। इस मद में राज्य सरकार की ओर से अलग से कोई अनुदान नहीं दिया जाएगा।
सरकार के इस आदेश से पात्र कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलेगा। अब संबंधित विभागों और संस्थानों की ओर से शासनादेश की शर्तों के आधार पर बोनस भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।



