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हल्द्वानी: रोडवेज की कमाई पर असर, कंडक्टरों की कमी के चलते कई बसें हुई निरस्त

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Haldwani : Roadways : BusOperators : TransportShortage : UTRoadways : PassengerServices : BusDepot : Kathgodam : Recruitment : PublicTranspor : हल्द्वानी और काठगोदाम रोडवेज डिपो में परिचालकों की कमी के कारण रोजाना संचालन में कई बार परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लंबे समय से खाली पड़े पदों के कारण मौजूदा परिचालकों को डबल ड्यूटी करनी पड़ती है…और यात्री सीजन में भीड़ बढ़ने पर कई बसें निरस्त भी हो जाती हैं। नए परिचालकों की भर्ती होने तक यही स्थिति बनी रहेगी। केवल कोर्ट से नियुक्त या आउटसोर्स परिचालकों के माध्यम से ही परिचालकों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।

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काठगोदाम और हल्द्वानी डिपो से दिल्ली, जयपुर, लुधियाना, जालंधर, चंडीगढ़, गुरुग्राम, फरीदाबाद, कानपुर, आगरा, मेरठ जैसे बड़े शहरों के साथ-साथ टनकपुर, मुरादाबाद और बरेली जैसे लोकल मार्गों पर भी रोजाना बसें संचालित होती हैं। इसके अलावा पर्वतीय क्षेत्र में भी रोडवेज बस सेवाएं उपलब्ध हैं।

काठगोदाम डिपो के एआरएम गणेश पंत ने कहा कि उनके डिपो में रोडवेज और अनुबंधित बसों को मिलाकर कुल 101 बसें हैं, लेकिन परिचालकों की संख्या में 37 की कमी है। वहीं हल्द्वानी डिपो के एआरएम संजय पांडे ने बताया कि 93 बसों के बेड़े के बावजूद लंबे समय से 29 परिचालकों की भर्ती नहीं हो सकी है। लंबी दूरी वाले रूटों पर परिचालकों को एक ड्यूटी के बाद रेस्ट दिया जाता है, लेकिन कमी के चलते परिचालकों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

परिवहन निगम अधिकारियों का कहना है कि नए परिचालकों की भर्ती और कोर्ट से नियुक्तियों के बाद ही डिपो में संचालन सुचारू रूप से चल पाएगा और यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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