
पहले से
थोड़ा और ज्यादा
कुछ अलग
कुछ अनोखा सा
एहसास है ये !!!!!

कभी धड़कने
ते़ज
कभी थोड़ी
मद्धम सी
आँखों में
कभी झरने से
फूटते , कभी
बरसात के
बाद सी
नमी रहती
पहले से
थोड़ा और ज्यादा
कुछ अलग
कुछ अनोखा ……

पहले से
थोड़ा और ज्यादा
कुछ अलग
कुछ अनोखा सा
एहसास है ये !!!!!

कभी धड़कने
ते़ज
कभी थोड़ी
मद्धम सी
आँखों में
कभी झरने से
फूटते , कभी
बरसात के
बाद सी
नमी रहती
पहले से
थोड़ा और ज्यादा
कुछ अलग
कुछ अनोखा ……