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अब सीसीटीवी कैमरों के जरिये रखी जाएगी तस्करों पर नजर

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हल्द्वानी : शीतकाल के दौरान हिमालय में वन्य जीव-जंतुओं के साथ-साथ तस्करों पर भी वन विभाग की पैनी नजर रहेगी। इसके लिए नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क की ओर से फूलों की घाटी में विभिन्न स्थानों पर छह कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। इन कैमरों में कैद वन्यजीव अथवा तस्करों की फोटो एक पखवाड़े में देखी जा सकेंगी ।

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सीमांत चमोली जिले में समुद्रतल से 4500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित फूलों की घाटी 87.5 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली हुई है। यहां पर विभिन्न प्रजाति के फूलों के अलावा स्नो लेपर्ड, कस्तूरी मृग, भूरा भालू समेत कई संरक्षित प्रजाति के जीव रहते हैं। शीतकाल में घाटी के आवाजाही के लिए बंद रहने के कारण इन दुर्लभ प्रजाति के वन्यजीवों पर तस्करों की निगाहें रहती हैं। वे चोरी-छिपे घाटी में प्रवेश कर इनका शिकार कर देते हैं।

इसी को देखते हुए नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन को फूलों की घाटी के बामणधौड़ समेत जिन स्थानों पर पूर्व में वन्य जीवों का मूवमेंट व तस्करों की सक्रियता दिखी है, वहां छह स्थानों पर कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं।

फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क के वन क्षेत्राधिकारी दीपक रावत ने बताया कि वन कर्मियों की टीम कैमरा ट्रैप लगाने के बाद वापस लौट आई है। उन्होने बताया कि हर 15 दिन के अमतराल में वनकर्मी फूलों की घाटी में लगाए गए कैमरा ट्रैप का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद कैमरों की चिप बदली जाएगी। इसके पीछे मकसद वन्यजीवों की आवाजाही के अलावा तस्करों की सक्रियता पर भी नजर रखना है। इस कदम के द्वारा वन विभाग तस्करी पर रोक लगाना चाहता है ।

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