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रामनगर: तालाक के बाद पत्नि को घर से निकाला, घर में असुरक्षित है प्रदेश की महिलाएं

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रामनगर: प्रदेश  में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार की घटनाएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही है।  दहेज के लालची शादी जैसे पविंत्र रिश्ते को भी कुर्बान कर रहे है और इंसानियत का काला चेहरे का परिचय हमारे समाज को करा रहे है।  दो साल पहले हुई शादी को दहेज के नाम पर तोड़ दिया। पति ने पत्नि के साथ मारपीट की फिर तालाक देकर घर से निकाल दिया । पीडिता महिला ने पति के खिलाफ कोतवारी में मामला दर्ज करा दिया है और कार्रवाई की मांग की है।  पीडिता का नाम फईमा ( सोनी) है। वो गुलरघट्टी की निवासी है। उसने पुलिस को शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उसका निकाह हल्द्वानी के लाइन नबंर 17 निवासी दानिसल के साोथ 23 मार्च 2015 को हुई थी।  पिता  शेर मोहम्मद ने अपनी हैसियत के अनुसार दहेज भी दिया था। ससुराल वालों ने कुछ महीने बाद ही दहेज के लिए परेशान करना शुरू कर दिया। उसने बताया कि सास और पति 2 लाख रुपए और कार की मांग करने लगे। उन्होंने इसके लिए उसके साथ कई बार मारपीट भी की।  उसने अपने परिवार को भी इस घटना के बारे में बताया जिस पर उन्होंने असहमति जताई।  महिला ने सुसराल वालों पर जबरन नशीला पदार्थ खिलाकर उसका गर्भ में मौजूद बच्चे को भी मारने का आरोप लगया है।

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सोनी ने पुलिस को बताया कि 15 अप्रैल को उसके पति ने उसके साख मारपीट की और तलाक देकर घर से निकाल दिया। उसने इस घटना के बारे में अपने भाई राजा को बताया और जब वो मौके पर पहुंचा तो उसके साथ भी मारपीट और गालीगलौज की गई।  महिला ने पुलिस इंसाफ दिलाने की मांग की है।  पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और जांच  शुरू कर दी है। सीओं राजेद्र ह्यांकी ने बताया कि पुलिस जांच के नतीजे बाद एक्शन लेगी। मामले की जांच संबंधित थाना क्षेत्र में कराई जाएगी।

बता दे कि उत्तराखण्ड में महिलाओं के प्रति  उत्पीड़न की घटनाए बढ़ रही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार 2016-2017  में घरेलू मारपीट , दहेज और टॉर्चर के 1,532 मामले दर्ज हुए है जो 2015-16 में 1,412 था। वहीं साल 2012 में ये आंकड़ा 1068 था।

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