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Uttarakhand News

अबतक उत्तराखंड के 22 नागरिक यूक्रेन से लौटे…226 का अभी भी इंतजार कर रहे हैं परिजन

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हल्द्वानी: प्रदेश से भी काफी संख्या में लोग किसी ना किसी काम के लिए यूक्रेन जाते हैं। खासकर एमबीबीएस की पढ़ाई करने वालों की तादाद इसमें ज्यादा रहती है। इधर, रूस के यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद वहां फंसे उत्तराखंड के नागरिकों के परिजनों की परेशानी बढ़ गई है। एक तो पहले से ही बच्चे दूसरे वतन में हैं और ऊपर से उस दूसरे वतन में भी युद्ध चल रहा है। बता दें कि अब भी 200 से ज्यादा उत्तराखंड के नागरिक यूक्रेन में फंसे हुए हैं। जिन्हें वापस लाने के लिए शासन प्रशासन और भारत सरकार जुटी हुई हैं।

सोमवार की सुबह भी यूक्रेन से उत्तराखंड लौटने का छात्रों का सिलसिला जारी रहा। सोमवार सुबह को सात छात्र उत्तराखंड वापस लौट गए हैं। जिसके साथ अबतक यूक्रेन से लौटने वाले उत्तराखंड वासियों की संख्या 22 तक पहुंच गई है। बता दें कि यूक्रेन में फंसे उत्तराखंड के छात्रों की रविवार से घर वापसी शुरू हो गई थी। यूक्रेन से विशेष विमान से प्रदेश के 15 छात्रों को मुंबई लाया गया था। इसके बाद इन सभी को यहां से दिल्ली भेजा गया। दिल्ली से फिर ये छात्र अपने अपने गंतव्य के लिए रवाना किए गए।

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उल्लेखनीय है कि अभी भी चिंता खत्म नहीं हुई है। उत्तराखंड लौट चुके नागरिकों से दस गुना अधिक नागरिक अभी यूक्रेन में ही फंसे हुए हैं। जी हां, यूक्रेन में उत्तराखंड के 226 लोग अभी भी फंसे हुए हैं, जिसमें छात्र-छात्राओं की संख्या अधिक बताई जा रही है। हालांकि उत्तराखंड सरकार लगातार केंद्र से समन्वय बनाकर काम कर रही है। नोडल अधिकारी सभी चिंतित परिवारों के संपर्क में हैं। शासन प्रशासन द्वारा परिवारों को तसल्ली दी जा रही है। अभिभावकों को आश्वासन दिया जा रहा है।

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बता दें कि सोमवार की सुबह सात बजे उत्तराखंड सरकार की टीम ने उत्‍तराखंड के छात्रों को दिल्‍ली एयरपोर्ट पर रिसीव किया। छात्रों की इस लिस्ट में तमन्ना त्यागी, प्रेरणा बिष्ट, शिवानी जोशी, लिपाक्षी, अताउल्लाह मलिक, मोहम्मद मुकर्रम और उर्वशी जंतवाल का नाम शामिल है। गौरतलब है कि यह सभी छात्र यूक्रेन से फ्लाइट एआई 1942 से भारत आए हैं। अब देखना ये होगा कि बाकी नागरिक कितनी जल्दी देवभूमि वापस पहुंचते हैं। इसमें कोई दोराय नहीं कि वक्त के साथ साथ यूक्रेन में हालात और चिंताजनक होते जा रहे हैं।

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