Rajasthan

राजस्थान के स्कूलों में जल्द होगी 60 हजार भर्ती, जानें क्या बोले सीएम अशोक गहलोत


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राजस्थान: चल रहे उप चुनाव के साथ ही राजस्थान में सरकार की तरफ से जनता को बेरोजगारी के तंग से मुक्त करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं । कांग्रेस की लगातार जीत की खुशी को वजह मान लिजिए या कुछ और इस बार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्कूलों में विभिन्न पदों पर भर्तियों के आदेश दिए है । गहलोत सरकार ने 60 हजार भर्तियां और 626 विद्यालयों में परिवर्तन करने सहित कई घोषणाएं की है । उन्होंने शिक्षा विभाग के साथ समीक्षा बैठक कर स्कूली शिक्षा से संबधित पदों पर 60 हजार भर्तीयों के आदेश दिए है । बैठक में पीटीआई ग्रेड तृतीय भर्ती-2011 के 193 पदों तथा वरिष्ठ अध्यापक भर्ती 2016 के 444 पदों की प्रतीक्षा सूची शीघ्र जारी करने के साथ ही व्याख्याता भर्ती 2018 की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के आदेश दिए हैं ।

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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य के शिक्षा क्षेत्र पर विचार करते हुए कहा कि शहरों में अंग्रेजी माध्यम महात्मा गांधी विद्यालयों के प्रति लोगों का उत्साह बहुत ज्यादा देखने को मिलता है ।अभिभावक बड़ी संख्या में अपने बच्चों को वहां पढ़ाना चाहते हैं। इस चीज को मद्देनजर रखते हुए उन विघालयों की संख्या बढ़ाने की बात की गई है । आगे उन्होंने बताया की इन स्कूलों का सर्वे करवाया जाएगा और आवश्यकतानुसार अंग्रेजी माध्यम के और स्कूल खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी शिक्षण संस्थानों में फीस निर्धारण एवं अन्य समस्याओं के लिए राजस्थान राज्य शिक्षा नियामक प्राधिकरण का गठन किया जाएगा । जो इन सभी समस्याओं का निवारण करेगी । प्रधिकरण के बारें में आगे गहलोत ने बताया कि यह प्राधिकरण राज्य सरकार, शिक्षण संस्थान के प्रबंधन तथा अभिभावक सहित अन्य फायदों के संबंध में चर्चा कर उचित निर्णय लेगा । स्कूली स्तर के खिलाड़ियों और एनसीसी की तरह ही स्काउट गाइड एवं एनएसएस के विद्यार्थियों को सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दिए जाने हेतु भी अलग नियम बनाए जाएंगे ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तृतीय भाषा, जैसे संस्कृत, उर्दू, सिंधी, पंजाबी आदि की मांग अगर 10 विद्यार्थी भी करते है तो इसके अनुरूप शिक्षक के पद की उत्पत्ति की जाएगी। खेलों को प्रोत्साहन देने एवं बच्चों में शारीरिक शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने के लिए शारीरिक शिक्षकों के पद बढ़ाने के लिए परीक्षा आयोजित की जाएगी। यानी खेल का शिक्षक होने के लिए भी पूरा ज्ञान होना अनिवार्य होगा । साथ ही सरकारी एवं निजी क्षेत्रों में शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षण केन्द्रों की संख्या बढ़ाने के प्रयास भी किए जाएंगे।

पत्रकारों से वार्तालाप में मुख्मंत्री बोले कि राज्य सरकार प्रदेश में स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में विकास के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। स्कूलों में विद्यार्थियों का नामांकन अब तक का उच्चतम 98 लाख से अधिक हो गया है। प्रदेश के विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा की दिशा में राज्य सरकार कोई कमी नहीं छोड़ेगी। उन्होंने शिक्षा विभाग को स्कूलों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए और कहा कि इसमें किसी भी स्तर पर कोई लापरवाहीं नहीं बरती जाए । गहलोत सरकार का यह काम तारीफ है । राज्य में इस से शिक्षा के संग बेरोजगारी का भी निवारण होगा ।

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