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उत्तराखंड में इंदौर जैसा मामला! नल से गंदा पानी पीने से मासूम की बिगड़ी तबीयत

HaldwaniWaterCrisis
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UttarakhandNews : Halduani Water Crisis : Gandhinagar : Contaminated Water : Health Hazard : SafeDrinkingWater : ContaminatedWater : LocalGovernance : WaterQualityAlert : इंदौर की घटना के बाद देश में पीने के पानी की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं, लेकिन अब कुमाऊं के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले हल्द्वानी का गांधीनगर क्षेत्र भी इस संकट से अछूता नहीं है। यहां नलों से सीधे गंदा पानी आ रहा है और लोग पीने के पानी को लेकर चिंतित हैं।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब दो माह से पानी की गुणवत्ता बेहद खराब है। विमला देवी ने कहा कि उनकी 14 महीने की बच्ची राधिका की तबीयत गंदे पानी की वजह से बिगड़ी है। वहीं भगवती देवी और उनके परिवार के सदस्य भी इसी समस्या से जूझ रहे हैं।

अधिकतर परिवार अब नलकूप से पानी भरकर घर ले आते हैं और उबालकर ही पीते हैं। निर्मला बताती हैं कि उनके इलाके में केवल एक नलकूप है….जिससे पानी भरकर इस्तेमाल करना पड़ता है। बुजुर्ग महिलाएं भी कहती हैं कि फिटकरी और नमक मिलाकर पानी उबालना ही इसे पीने योग्य बनाता है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि नल से आने वाला पानी बिलकुल भी पीने लायक नहीं है। दीपावली के बाद से गंदे पानी की समस्या लगातार बनी हुई है। प्रद्युम्न कहते हैं कि दुकानों से बोतलबंद पानी खरीदना हर किसी के लिए संभव नहीं…इसलिए प्रशासन को तुरंत व्यवस्था करनी चाहिए।

पार्षद रोहित कुमार ने कहा कि शिकायत के बाद जल संस्थान की टीम ने जांच की….लेकिन कहीं पेयजल लाइन टूटी नहीं मिली। जल संस्थान के ईई आरएस लोशाली का कहना है कि हाल में गांधीनगर से गंदे पानी की शिकायत नहीं मिली थी…लेकिन अब टीम मौके पर भेजी जाएगी।

गांधीनगर क्षेत्र के जेई भुवन भट्ट ने कहा कि 25 दिन पहले लाइन वाश से नल लाइनों की सफाई की गई थी। मुख्य मार्ग पर जांच के दौरान भूमिगत नाली में गंदगी और पाइप गुटखे की मौजूदगी पाई गई। यदि लाइन लीक हुई तो गंदा पानी सीधे घरों में जा सकता है।

स्थानीय लोगों आशंका जताते हुए कहा कि नल का पानी पीने लायक नहीं है। सुबह-शाम दोनों समय पानी आता है…लेकिन साफ नहीं। बोतलबंद पानी हर किसी के लिए संभव नहीं….उबालकर ही इस्तेमाल करते हैं। नल से पानी पीने से बीमार होने का डर है।

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