Champawat News

गेट परीक्षा के नतीजे घोषित, टनकपुर निवासी अकांक्षा पंत को मिली सफलता

Ad

Akanksha Pant: Gate 2025: गेट परीक्षा के नचीजे घोषित हो गए हैं। उत्तराखंड के कई युवाओं को सफलता मिली है। इस लिस्ट में आमबाग, टनकपुर की रहने वाली अकांक्षा पंत भी शामिल हैं। अकांक्षा ने गेट परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 452 हासिल की है। अकांक्षा की प्रारंभिक शिक्षा सेंट फ्रांसिस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, टनकपुर में हुई। पढ़ाई में अव्वल रहने वाली अकांक्षा ने हर कक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन किया। उनकी जिज्ञासा और सीखने की इच्छा ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

ADVERTISEMENTS Ad

उच्च शिक्षा और सपनों की उड़ान

स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने डी.एस.बी कैंपस, नैनीताल से स्नातक और परास्नातक (M.A. Sociology) की पढ़ाई की। उनकी मेहनत रंग लाई, और वह स्नातकोत्तर समाजशास्त्र विभाग की टॉपर बनीं। उनकी इस उपलब्धि के लिए उन्हें “मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति प्रोत्साहन योजना” के तहत सम्मानित भी किया गया।

GATE परीक्षा: मेहनत और धैर्य की परीक्षा

स्नातकोत्तर के बाद, अकांक्षा ने GATE 2025 की परीक्षा में Sociology विषय से भाग लिया। यह सफर आसान नहीं था। कई रातों की नींद, अनगिनत घंटों की मेहनत और निरंतर धैर्य—यही उनकी सफलता की कुंजी थी। इस कठिन परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 452 हासिल की, जो उनकी कड़ी मेहनत का परिणाम था।

प्रेरणा और समर्थन

हर सफर में कुछ मार्गदर्शक होते हैं जो हमें सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। अकांक्षा के लिए यह मार्गदर्शक उनके माता-पिता और उनके शिक्षकों ने बने।

  • उनके पिता, नायब सूबेदार कृपाल दत्त पंत, जो सेना से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं, हमेशा उन्हें अनुशासन और समर्पण का पाठ पढ़ाते रहे।
  • उनकी माँ, हेमा पंत, एक गृहिणी होने के बावजूद, अपनी बेटी के हर सपने को अपना सपना मानकर उसका साथ देती रहीं।
  • इसके अलावा, उनके शिक्षकों प्रोफेसर ज्योति जोशी और डॉ. सरोज पालिवाल ने उन्हें हर कदम पर मार्गदर्शन और प्रेरणा दी।

अकांक्षा से सीखने योग्य बातें

अकांक्षा की कहानी हमें यह सिखाती है कि अगर हमारे इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं होता। अनुशासन, समर्पण और सही मार्गदर्शन के साथ हर बाधा को पार किया जा सकता है।

आज अकांक्षा न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं। उनकी यह यात्रा दिखाती है कि अगर मन में कुछ बड़ा करने की चाह हो, तो कोई भी सपना हकीकत बन सकता है।

ADVERTISEMENTS Ad Ad
To Top