News

चमोली जिले में एवलांच के बाद उत्तराखंड में अलर्ट,ऋषिकेश में राफ्टिंग बंद

Ad

देहरादून: चमोली जिले में एवलांच के बाद हुआ बर्बादी ने पूरे उत्तराखंड को एक बार फिर साल 2013 में आई आपदा की याद दिला दी। इस हादसे में नुकसान कितना हुआ है, इसका पता लगाया जा रहा है। फिलहाल रेस्क्यू टीम ने दो शवों को बरामद कर लिया है। एवलांच के बाद ऋषिगंगा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट पूरी तरह से तबाह हो गया है और धौलीगंगा पर बने हाइड्रो प्रोजेक्ट का बांध टूट गया। इसके चलते गंगा और अन्य नदियों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। राज्य में चमोली से लेकर हरिद्वार तक रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।

ADVERTISEMENTS Ad

रिपोर्ट्स की मानें तो हादसे के वक्त दोनों प्रोजेक्ट पर काफी संख्या में मजदूर कार्य कर रहे थे। इस हादसे में करीब 150 लोगों के लापता होने की आशंका है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत लगातार इस घटनाक्रम पर निगरानी रखे हुए हैं। वे त्रिवेंद्र सिंह रावत जोशीमठ पहुंच गए हैं। उन्होंने यहां घटनास्थल का मुआयना किया और पूरी जानकारी ली। वहीं, पानी कर्णप्रयाग तक पहुंच गया है। उन्होंने राज्यवासियों से नदियों से दूर रहने को कहा है।

इस आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ और उत्तराखंड पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। +911352410197, +9118001804375, +919456596190। इन नंबरों पर फोन कर मदद ली जा सकती है। सुरक्षा को देखते हुए ऋषिकेश कोडियाला इको टूरिज्म जोन में जल पुलिस और एसडीआरएफ को अलर्ट कर दिया गया है। जल पुलिस के साथ आपदा प्रबंधन दल राफ्टिंग स्थलों पर पहुंच गया है और राफ्टिंग को बंद करा दिया गया है। वहीं चमोली और रुद्रप्रयाग जिले में नदी किनारे सभी सभी स्थानों पर प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।

ADVERTISEMENTS Ad Ad
To Top