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हो गया फैसला,चार गुना Tax देने पर ही उत्तराखंड में प्रवेश करेंगी दूसरे राज्यों की रोडवेज बसें


दो दशक बाद उत्तराखंड परिवहन निगम को मिला हक...उत्तर प्रदेश देगा 205 करोड़ रुपए
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देहरादून: प्रदेश की कैबिनेट बैठक में रोडवेज बसों को लेकर एक अहम फैसला लिया गया है। ये तय किया गया है कि जो बसें दूसरे राज्यों से उत्तराखंड में प्रवेश करेंगी, उनसे अब ज्यादा टैक्स लिया जाएगा। गौरतलब है कि सरकार ने ये फैसला राज्य के राजस्व को बढ़ाने के दृष्टि से ही लिया है। माना जा रहा है कि इससे प्रदेश को खासा फायदा भी होगा।

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मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में प्रदेश की कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। जिसमें 29 प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इसी बैठक में उत्तराखंड मोटरयान कराधान सुधार नियमावली 2003 (यथा संशोधित 2012) में संशोधन पर मुहर लग गई। जिसके बाद अब दूसरे राज्यों से उत्तराखंड आने वाली रोडवेज बसों द्वारा देने वाले टैक्स में वृद्धि होगी।

बता दें कि उत्तर प्रदेश के साथ साथ अन्य राज्यों से उत्तराखंड आने वाली रोडवेज की बसें अबतक यहां 100 रुपए प्रति सीट प्रति महीने के हिसाब से टैक्स देती थी। मगर यही टैक्स उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों में उत्तराखंड से ज्यादा वसूल किया जाता है। उत्तराखंड निगम की बसों को भी अधिक टैक्स देना पड़ता है।

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चूंकि उत्तराखंड में कम टैक्स लिया जाता था, इसलिए राज्य को राजस्व का नुकसान होता था। काफी वक्त से इसमें संशोधन की मांग की जा रही थी। बहरहाल प्रदेश सरकार ने अब इन मांगों को मान लिया है। अब दूसरे राज्यों की रोडवेज बसों को उत्तराखंड आने पर 400 रुपए प्रति सीट प्रति महीने की दर से टैक्स देना होगा। निजी कमर्शियल वाहनों के लिए पूर्व की व्यवस्था लागू रहेगी।

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दरअसल, अभी तक यूपी सहित अन्य राज्यों से आने वाली रोडवेज बसों से 100 रुपये प्रति सीट प्रतिमाह की दर पर टैक्स वसूला जाता था। जबकि यूपी सहित अन्य राज्यों में बसों के प्रवेश पर ज्यादा टैक्स वसूल किया जाता था। यहां तक की उत्तराखंड परिवहन निगम को भी ज्यादा टैक्स देना पड़ता था। उत्तराखंड आने वाली बसों से कम टैक्स की वजह से राज्य को कम राजस्व मिलता था।

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लंबे समय से इसमें संशोधन की मांग को सरकार ने मान लिया। अब यूपी सहित अन्य राज्यों से आने वाली रोडवेज बसों को 400 रुपये प्रति सीट प्रतिमाह की दर से टैक्स देना होगा। जबकि निजी कॉमर्शियल वाहनों को पूर्व की भांति (90 रुपये प्रति सीट प्रतिमाह) ही टैक्स देना होगा। गौरतलब है कि प्रदेश को राजस्व में काफी फायदा होने की उम्मीद है।

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