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उत्तराखंड की अमृता ने यूजीसी नेट परीक्षा में पाए 99.99 प्रतिशत अंक, जापान से मिली है स्कॉलरशिप

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पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड के युवा आज हर क्षेत्र में देवभूमि का नाम रोशन कर रहे हैं। देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी अपने प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले उत्तराखंड के युवा न केवल अपनी काबिलियत का प्रदर्शन कर रहे हैं, बल्कि देवभूमि के नाम का परचम भी लहरा रहे हैं। अपनी काबिलियत और मेहनत से उत्तराखंड का युवा वर्ग नए-नए मुकाम हासिल कर रहा है। खासकर की उत्तराखंड राज्य की बेटियां लगातार हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपना नाम सफल लोगों की सूची में दर्ज करा रही हैं। शिक्षा से लेकर खेल तक, हर जगह लड़कियां जीत का डंका बजा रही हैं। ऐसे ही पौड़ी गढ़वाल जिले की रहने वाली अमृता चिटकारिया ने 99.99 फीसदी अंकों के साथ यूजीसी नेट की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। इसके साथ ही वह जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) के लिए भी चयनित हुई है।

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बता दें कि अमृता का सपना भविष्य में कम्प्यूटेशनल लिंग्विस्टिक विषय से राज्य की लोक भाषाओं में शोध कार्य करने का है। अमृता की इस दोहरी सफलता से जहां उनके परिवार में हर्षोल्लास का माहौल है वहीं क्षेत्र में खुशी की लहर है। अमृता के पिता सुरेंद्र चिटकारिया, देहरादून जिला न्यायालय में अधिवक्ता के पद पर कार्यरत हैं जबकि अमृता की मां आरती टिहरी गढ़वाल के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य हैं। वर्तमान में इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेज यूनिवर्सिटी में कंप्यूटेशनल लिंग्विस्टिक विषय से मास्टर डिग्री का कोर्स कर रही है, जहां वह द्वितीय वर्ष की छात्रा है।इसके साथ ही उन्हें जापान के बैंक ऑफ मित्सुबिशी से स्कॉलरशिप भी प्राप्त हुई है। अमृता ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने कठिन परिश्रम के साथ ही माता-पिता एवं गुरूजनों को दिया है।

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