
Ankita Bhandari Case | Rahul Gandhi | Uttarakhand : अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उनके माता-पिता ने दिल्ली में इंडिया गेट के पास धरना दिया। परिवार की मांग है कि मामले की सीबीआई जांच पूरी होने तक कथित वीआईपी की नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। धरने की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी अंकिता के माता-पिता से मिलने पहुंचे।

राहुल गांधी ने परिवार से मुलाकात के दौरान उन्हें न्याय की लड़ाई में हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि वह इस कठिन समय में अंकिता के परिवार के साथ खड़े हैं।
अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि जब तक सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती…तब तक कथित वीआईपी की नियुक्ति नहीं की जानी चाहिए। उनके मुताबिक नियुक्ति से जुड़ी खबर सामने आने के बाद परिवार को गहरा दुख पहुंचा है।
उन्होंने बताया कि इस खबर के बाद अंकिता की मां सोनी देवी पूरी रात रोती रहीं। परिवार को न्याय की मांग लेकर दिल्ली आना पड़ा। अंकिता के पिता ने राष्ट्रपति से भी अपील की कि सीबीआई जांच पूरी होने तक कथित वीआईपी की नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।
अंकिता की मां सोनी देवी ने कहा कि कथित वीआईपी की नियुक्ति की खबर से उन्हें गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने इसे परिवार की भावनाओं के साथ धोखा बताया। उन्होंने कहा कि इस पीड़ा को शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कर चुके हैं। उस समय कहा गया था कि जांच में कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाएगा। अब अंकिता के माता-पिता चाहते हैं कि जांच पूरी होने तक कथित वीआईपी की नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।
पौड़ी जिले के डोभ श्रीकोट की रहने वाली अंकिता भंडारी ऋषिकेश के पास स्थित वनंत्रा रिसॉर्ट में काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और दो अन्य आरोपितों सौरभ भास्कर तथा अंकित को गिरफ्तार किया गया था।
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने तीनों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों जेल में बंद हैं। इस मामले में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। परिवार की मांग है कि इस पहलू की जांच पूरी गंभीरता से की जाए और उन्हें न्याय मिले।



