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उत्तराखंड: बिजली बिल नहीं भरा तो कटी BSNL टावर की बिजली, 15 गांवों में मोबाइल नेटवर्क गायब

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BSNL Network | Electricity Bill | Chamoli : उत्तराखंड के चमोली जिले की दूरस्थ निजमूला घाटी में बिजली का बिल बकाया होने के कारण बीएसएनएल मोबाइल टावर का कनेक्शन काट दिया गया। टावर की बिजली बंद होने के बाद घाटी की करीब 15 ग्राम सभाओं में मोबाइल नेटवर्क ठप हो गया है। इससे ग्रामीणों को फोन कॉल, इंटरनेट और जरूरी संचार के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।

जानकारी के मुताबिक निजमूला घाटी में बीएसएनएल का यह टावर लंबे समय से संचार का प्रमुख साधन है। बिजली बिल का भुगतान नहीं होने पर विद्युत विभाग ने टावर की बिजली आपूर्ति बंद कर दी। बताया गया है कि बीएसएनएल पर करीब 10 लाख 7 हजार 280 रुपये का बिजली बिल बकाया है।

विद्युत विभाग के जेई दीपक राणा ने कहा कि बीएसएनएल को बकाया बिल जमा करने के लिए कई बार सूचना दी गई थी….लेकिन भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर टावर का बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई की गई।

वहीं बीएसएनएल ने बिजली कनेक्शन काटे जाने की कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। बीएसएनएल के एसडीओ राजेश सैनी का कहना है कि विद्युत विभाग की ओर से बिल उपलब्ध कराए बिना ही कनेक्शन काट दिया गया। उनका कहना है कि टावर की बिजली बंद होने से पूरे क्षेत्र की संचार व्यवस्था प्रभावित हुई है।

एक टावर बंद होने का असर करीब 15 ग्राम सभाओं पर पड़ा है। नेटवर्क नहीं होने से ग्रामीणों का अपने दूर रहने वाले परिजनों से संपर्क करना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा आपात स्थिति में फोन नहीं लग पाने से भी लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

ब्यारा के पूर्व प्रधान बृजलाल ने बताया कि निजमूला घाटी में यही बीएसएनएल का एकमात्र मोबाइल टावर है। इसके बंद होने से बड़ी संख्या में ग्रामीण मोबाइल नेटवर्क से कट गए हैं। उन्होंने कहा कि बाहरी क्षेत्रों में रहने वाले परिवार के सदस्यों से बातचीत के साथ-साथ आपातकालीन स्थिति में भी लोगों को दिक्कत हो रही है।

मामले को लेकर बीजेपी नेता बीरेंद्र फर्स्वाण ने विद्युत विभाग और बीएसएनएल से जल्द समाधान निकालने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ इलाकों में संचार सुविधा बेहद जरूरी है…और विभागों के बीच जो भी मामला है उसे जल्द सुलझाकर टावर की बिजली आपूर्ति बहाल की जानी चाहिए।

फिलहाल मामला बीएसएनएल के बकाया बिजली बिल और कनेक्शन काटे जाने की कार्रवाई के बीच अटका हुआ है। वहीं टावर बंद होने का सीधा असर निजमूला घाटी के ग्रामीणों की संचार व्यवस्था पर पड़ रहा है।

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