
Uttarakhand: Champawat: चंपावत में बीते दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुए कथित रेप मामले में अब बड़ा खुलासा सामने आया है। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि नाबालिग लड़की ने न्यायालय के समक्ष रेप की पुष्टि नहीं की है। साथ ही लड़की ने बयान में कहा है कि उसने दबाव में आकर रेप के आरोप लगाए थे।
पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने बताया कि मामले की जांच में राजनीतिक रंजिश का एंगल सामने आया है। पुलिस के अनुसार इस पूरे कथित षड्यंत्र के पीछे पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य कमल रावत का हाथ बताया जा रहा है, जो पहले भी गंभीर आरोपों में घिर चुका है। एसपी के मुताबिक आरोपी ने नाबालिग के बुजुर्ग और बीमार पिता का इलाज कराने का झांसा देकर परिवार को अपने प्रभाव में लिया और लड़की को इस मामले में मोहरा बनाया।
पुलिस ने यह भी बताया कि जांच के दौरान जब मेडिकल रिपोर्ट सामने आई तो उसमें रेप की पुष्टि नहीं हो सकी। मेडिकल परीक्षण में न तो शरीर पर किसी प्रकार के चोट के निशान मिले और न ही किसी तरह के जबरदस्ती के संकेत पाए गए। इसके बाद पुलिस का शक और गहरा हो गया।
प्रशासन ने कहा है कि मामले की हर पहलू से निष्पक्ष जांच की जा रही है और यदि किसी ने साजिश के तहत झूठा मामला गढ़कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।






