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बेरीनाग की गंगा रावत को दीजिए बधाई, नेशनल सेंटर फॉर सेल साइंस की नई खोज

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Uttarakhand Success Story: Ganga Rawat’s New Discovery:

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उत्तराखंड की बेटियां न केवल अपनी मेहनत और समर्पण से अपने राज्य का नाम रोशन कर रही हैं, बल्कि विज्ञान और अन्य क्षेत्रों में सफलता की नई ऊंचाइयां भी छू रही हैं। एक ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है बेरीनाग की बेटी गंगा रावत की, जिन्होंने अपने कठिन परिश्रम और विज्ञान के प्रति गहरी रुचि के दम पर एनसीसीएस पुणे में एक अहम शोध में भाग लिया।

शोध में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

गंगा रावत ने फर्गुसन कॉलेज पुणे से एमएससी बायो-कैमिस्ट्री में प्रवेश प्राप्त किया, जो इस शोध कार्य का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। इस दौरान उन्हें अंटार्कटिका में की गई एक नई कवक प्रजाति की खोज में शामिल होने का अवसर मिला। इस प्रजाति का नाम ल्यूकोन्यूरोस्पोरा भारतीएंसिस रखा गया है, और यह खोज पादप और जीव विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। गंगा ने फंगल नमूनों के विश्लेषण में सहायता की और निष्कर्षों को समृद्ध किया, जिससे इस शोध में उनका योगदान अनमोल रहा।

इस खोज में गंगा रावत के साथ एनसीसीएस पुणे के वैज्ञानिकों की टीम में डॉ. अविनाश शर्मा, डॉ. रामेश्वर अवचार और नम्रता जिया भी शामिल थे। गंगा की सफलता यह साबित करती है कि उत्तराखंड की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और वे अपनी मेहनत से दुनिया को नई दिशा दे सकती हैं।

बचपन से थी विज्ञान में रुचि

गंगा का यह सफर बचपन से ही विज्ञान के प्रति उनकी रुचि के साथ शुरू हुआ था। उन्होंने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बेरीनाग से स्नातक की डिग्री प्राप्त की और वर्ष 2022 में विज्ञानशाला के स्टेम चैंपियन प्रोग्राम का हिस्सा बनीं। उनकी यह यात्रा अब एक नई सफलता की कहानी बन चुकी है, जो न केवल उत्तराखंड बल्कि देशभर की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

दुनिया को दिखाया उत्तराखंड का दम

गंगा रावत की यह उपलब्धि महिलाओं के सामर्थ्य को प्रदर्शित करती है। साथ ही यह भी सिद्ध करती है कि उत्तराखंड की बेटियां अगर ठान लें तो पूरी दुनिया को उत्तराखंड की shakti की झलक दिखा भी सकती हैं और इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज भी करा सकती हैं।

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