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हल्द्वानी में खुला में देश का पहला पॉलीनेटर पार्क, पर्यटकों को आकर्षित करेगी खूबियां

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हल्द्वानी: देश का पहला पॉलीनेटर (परागण सहयोगी) पार्क नैनीताल जिले के हल्द्वानी में बनकर तैयार हो गया है। जहां तितलियों, मधुमक्खियों, पक्षियों और कीटों की 40 से ज्यादा प्रजातियां मौजूद हैं। मंगलवार को इस पार्क का शुभारंभ तितली विशेषज्ञ पीटर स्मैटिक और वन अनुसंधान केंद्र के मुख्य वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी ने फीता काटकर किया। चतुर्वेदी ने कहा कि पॉलीनेटरों के महत्व को पश्चिम में काफी पहले ही पहचाना जा चुका है और उन्हें संरक्षित करने के लिए अमेरिका जैसे देशों में बड़े पैमाने पर पॉलीनेटर पार्क, बगीचे और रास्ते बनाए गए हैं ।

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संजीव चतुर्वेदी ने बताया कि इस पार्क को विकसित करने का उददेश्य विभिन्न पॉलिनेटर प्रजातियों को संरक्षित करना, इन प्रजातियों को संरक्षित करने के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक करना तथा परागण के विभिन्न पहलुओं जैसे उनके आवासों पर खतरे तथा प्रदूषण का उन पर प्रभाव आदि पर शोध को बढ़ावा देना है । पार्क में पॉलीनेटरों की 40 से ज्यादा प्रजातियां मौजूद हैं जिनमें कॉमन जेजेबेल, कॉमन इमाइग्रेंट, रेड पैरट, प्लेन टाइगर और लाइम बटरफ्लाई आदि शामिल हैं
वन अनुसंधान अधिकारियों के अनुसार परागणकर्ता जैसे चिड़िया, तितली, कीटपतंगों, ततैया, चमगादड़, मधु मक्खियां, छोटे स्तनपायी का कृषि में विशेष महत्व होता है। ये परागणकर्ता वैश्विक कृषि भूमि में 35 फीसदी भाग और 87 फसलों के उत्पादन का प्रभावित करते हैं। वहीं पृथ्वी पर 75 से 95 प्रतिशत पौधों को पुष्यीय परागण के लिए परागकों की जरूरत होती है।

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