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उत्तराखंड में डेंगू के कुल 464 मामले सामने आए, देहरादून में सबसे ज्यादा और नैनीताल दूसरे नंबर पर


देहरादून: संक्रमण की रोकथाम व नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से मुस्तैद है। जिसके फलस्वरूप इस वर्ष डेंगू संक्रमण के कम ही मामले समाने आये हैं। अब तक पूरे प्रदेश में 464 डेंगू के रोगी रिपोर्ट किये गये हैं, जिनमें 394 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। प्रदेश के आठ जनपदों में अब तक एक भी डेंगू मरीज नहीं मिला है। वहीं रिपोर्ट किये गये डेंगू मरीजों में सर्वाधिक 330 डेंगू संक्रमित देहरादून जनपद में सामने आये। प्रदेशभर में डेंगू संक्रमित रोगियों को सभी चिकित्सा इकाईयों में बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये गये हैं। साथ ही सभी ब्लड बैंकों को अलर्ट मोड़ पर रहने और डेंगू मरीजों को समय पर प्लेट्सलेट उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके अलावा डेंगू रोकथाम एवं नियंत्रण को जनपद स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाने एवं लगातार मॉनिटिरिंग के निर्देश सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को दिये गये हैं।

प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश में डेंगू रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तत्पर है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग अन्य रेखीय विभागों के साथ प्रदेशभर में डेंगू संभावित जनपदों एवं क्षेत्रों में लगातार जनजागरूकता अभियान चला रहा है। जिसका नतीजा यह है कि इस वर्ष अब तक प्रदेश में डेंगू संक्रमण के मामले पिछले वर्ष की अपेक्षा कम सामने आये हैं। विभागीय मंत्री ने बताया कि आतिथि तक प्रदेशभर में 464 डेंगू के मरीज समाने आये हैं जिसमें से 394 उपचार के बाद स्वस्थ्य हो चुके हैं।

डेंगू पीड़ित रोगियों में 330 जनपद देहरादून, 67 नैनीताल, 29 पौड़ी, 37 हरिद्वार व एक रोगी चमोली जनपद में सामने आया है। जबकि प्रदेश के अन्य आठ जिलों में अभी तक एक भी डेंगू मरीज समाने नहीं आया है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग सहित सभी रेखीय विभागों के अधिकारियों को अपने-अपने जनपदों, नगर निकायों एवं वार्डों में नियमित रूप से जन जागरूकता अभियान चलाने तथा डेंगू के प्रति लोगों को जागरूक करने को कहा। उन्होंने बताया कि भले ही प्रदेश में डेंगू संक्रमण की दर समान्य से कम है फिर भी आम लोगों को डेंगू को लेकर पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है। डा. रावत ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि अपने घरों व आस-पास पानी जमा न होने दें तथा सप्ताह में एक दिन जमा पानी को साफ करने का अभियान चलायें। उन्होंने डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल अपने नजदीकी अस्पताल पहुंच कर जांच कराने का भी अह्वान किया।

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स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सूबे में डेंगू मरीजों के उपचार के लिये ब्लड व प्लेटलेट्स की कोई कमी नहीं होने दी जायेगी। इसके लिये सभी विभागीय अधिकारियों, निजी एवं सरकारी ब्लड बैकों के संचालकों को जरूरी निर्देश दे दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में कुल 59 ब्लड बैंक संचालित किये जा रहे हैं, जिनमें से 23 राज्य सरकार, 04 केन्द्र सरकार एवं 32 निजी एवं ट्रस्ट द्वारा संचालित किये जा रहे हैं।

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इसके अलावा सूबे में 39 ब्लड कम्पोनेंट सेपरेसन यूनिट संचालित किये जा रहे हैं जिनमें से जनपद देहरादून में अकेले 11 यूनिट दून अस्पताल, एम्स ऋषिकेश, महंद इंद्रेश अस्पताल, हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट, आईएमए ब्लड बैंक, क्रिस्चियन अस्पताल हर्बटपुर, ग्राफिक एरा अस्पताल, सिटी ब्लड बैंक, सुभारती अस्पताल व कैलाशअ अस्पताल में संचालित की जा रही है जहां पर प्लेटलेट्स तैयार की जाती है। इसके अलावा हरिद्वार जनपद में 08, नैनीताल में 04, ऊधमसिंह नगर में 13, पौड़ी में 02 तथा पिथौरागढ़ में 01 यूनिट संचालित की जा रही है।

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