Ad
Nainital-Haldwani News

बधाई दें… हल्द्वानी निवासी कुसुम पांडे को दिल्ली में मिला राष्ट्रीय पुरस्कार

Ad
Ad
Ad
Ad
Ad

हल्द्वानी: शहर की निवासी कुसुम पांडे को दिल्ली में राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। उन्हें देश के उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने सम्मानित किया। कुसुम को प्रिंट मेकिंग के क्षेत्र में शानदार काम करने के लिए इस सम्मान से नवाजा गया है। पूरे देशभर से 20 लोगों के नाम की सूची तैयार की गई थी, जो कला के क्षेत्र में देश का नाम रौशन कर रहे हैं। सभी को 62वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के मौके पर सम्मानित किया गया। ललित कला अकादमी की ओर से नौ अप्रैल से 62वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी का आयोजन रखा गया था। सभी को सम्मान के तौर पर दो लाख रुपये नकद, ताम्रपत्र और शॉल भेंट किया गया। इस लिस्ट में कलाकार चित्रकला, मूर्तिशिल्प, ग्राफिक, फोटोग्राफी क्षेत्र में कार्य कर रहे लोग शामिल रहें।

May be an image of text that says "ललित Lalit कला Kala अकादेमी Akademi (National Academy Art) FELLOWS OF THE AKADEMI Himmat Shah Jyoti Bhatt 62nd National Exhibition of Art Award Winners Shyam Sharma Anand Narayan Dabli Akademi Fellowships 62nd National Exhibition Art Award Winners Sculpture Painting Photography Sculpture Devesh Upadhyay Digbijayee Khatua Ghanshyam Kahar Jagan Mohan Penuganti Kalita Kusum Pandey Laxmipriya Panigrahi Manjunath Honnapura Mohan Nemaram Jangid Painting Mixed Media Sculpture Sculpture Printmaking Painting Painting Sculpture Drawing Printmaking Prabhu Harsoor Prem Kumar Singh Pritam Maity Rishi Raj Tomer Vimalanathan Shivanand Shagoti Kumar Singh Kushawaha ይR人究 ललित कला Painting"

हल्द्वानी निवासी कुसुम पांडे वर्षों से कला के क्षेत्र में काम कर रही हैं। वह कई नेशनल अवॉर्ड्स भी अपने नाम कर चुकी हैं। इसके अलावा कोरोना काल से कुछ वक्त पहले उन्होंने उत्तराखंड के पहले आर्ट स्टूडियो की नींव हल्द्वानी में रखी थी, जो काफी चर्चाओं में है। स्टूडियो में तमाम शहरों के लोग भी पहुंचते हैं।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी के युवक की पीलीभीत में निर्मम हत्या, चार महीने पहले हुई थी शादी

अपनी इस कामयाबी को लेकर कुसुम पांडे ने कहा कि अपने सपनों को पूरा करने की तरफ कदम बढ़ाया जाए तो सफलता मिलती है। रोजाना हम कुछ सीखते हैं और फिर उसे अप्लाई करना होता है। बचपन की रूचि को करियर में बदलने का जो फैसला मैने लिया था, उसी ने पहचान दी है। उन्होंने ललित कला अकादमी का इस सम्मान के लिए शुक्रिया भी अदा किया। इसके अलावा उन्होंने सभी अभिभावकों से कहा कि वह अपने बच्चों को कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने दें। कला के साथ संस्कृति भी आगे बढ़ती है। अगर बच्चे को सही मार्गदर्शन मिल गया तो वह कोई भी मुकाम हासिल कर सकता है। आपको बता दें कि कुसुम पांडे के पति मनोज पांडे भी एक अर्टिस्ट हैं और उत्तराखंड में लंबे वक्त से इसी क्षेत्र में काम कर रहे हैं। वह एक विख्यात ड्रमर हैं, जो युवाओं को ट्रेनिंग भी देते हैं।

Join-WhatsApp-Group
To Top