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हल्द्वानी से पहाड़ जाने में लगेगा अब ज्यादा वक्त,ज्योलीकोट होते हुए पूरी करनी पड़ेगी यात्रा


हल्द्वानी के बस यात्रियों के लिए अच्छी खबर, आज से भारी वाहनों के लिए खुलेगा भीमताल-रानीबाग मार्ग
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हल्द्वानी: रानीबाग-भीमताल सड़क मार्ग पर रानीबाग में सेतु में निर्माण कार्य के चलते 16 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक प्रातः10 बजे से सांय 05 बजे तक उसे बंद किया जा रहा है। इस दौरान पहाड़ की ओर जाने वाले यात्रियों को ज्योलीकोट होतो हुए अपनी यात्रा पूरी करनी पड़ेगी। पुल के बंद होने से यात्रियों को यात्रा पूरी करने में ज्यादा वक्त भी लगेगा। अधिशासी अभियंता लोनिवि को निर्देश दिये कि यातायात संचालित होते समय मार्ग में पुलिस विभाग के अतिरिक्त लोनिवि विभाग के अधिकारी एवं कार्मिक निर्धारित परिधान में उपस्थित रहते हुए वाहन चालको एवं यात्रियों का मार्ग निर्देशन भी करें।

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कोविड-19 संक्रमण के दृष्टिगत निर्गत दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए कार्य सम्पादित कराये जाये। मार्ग में दिशा सूचक व रेडियमयुक्त नोटिस बोर्ड पर्याप्त संकेतक रानीबाग, भवाली, खुटानी एवं अन्य यथा आवश्यक स्थानों पर स्थापित किये जायें। मार्ग में कार्य करते समय समस्त सुरक्षा मानको का पालन किया जाये और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाये। प्रतिबन्धित अवधि में वैकल्पिक मार्ग का प्रयोग वाहनों द्वारा किया जायेगा, इसके लिए अधिशासी अभियंता वैकल्पिक मार्ग (भवाली-ज्योलीकोट-रानीबाग) की सूचना मार्ग में नोटिस बोर्ड एवं अन्य माध्यमों से दी जाये। उन्होंने अधिशासी अभियंता लोनिवि को निर्देश दिये कि प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रतिबन्धित अवधि के अतिरिक्त मार्ग में यातायात सुचारू रूप से संचालित हो।

रानीबाग में मार्ग बंद होने से अब वाहन चालकों को हल्द्वानी के लिए 70 किमी दूरी अतिरिक्त तय करनी होगी। इससे अमृतपुर, अमिया और डहरा के ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। साथ ही अन्य पहाड़ी इलाकों से आने वाले वाहनों की आवाजाही पर भी खासा असर पड़ेगा। मार्ग बंद होने से सबसे ज्यादा भीमताल समेत नौकुचियाताल, जंगलियागांव, पांडेगांव, अमृतपुर भोर्षा, डहरा, बानना, पिनरो, पस्तोला, सलड़ी, अमिया आदि गांव के प्रभावित हुए हैं। अमृतपुर, अमिया व डहरा, सलड़ी से हल्द्वानी की दूरी मात्र 15 किमी है, अब इन गांवों के लोगों को हल्द्वानी जाने के लिए वाया भवाली और ज्योलीकोट होते हुये 70 से 80 किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। 

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