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गजब का मामला, यानी आरोपी अपने बेटे को लेखपाल बनाने की तैयारी में था


देहरादून:  पटवारी पेपर लीक मामले की चर्चा हर जगह हो रही है। उत्तराखंड में एक बार फिर भर्ती में धांधली ने सरकारी तंत्र पर तमाम सवाल उठा दिए हैं। इस मामले में 7 आरोपितों की गिरफ्तारी हो गई है। एसटीएफ की जांच जारी है और गिरफ्तारियों का सिलसिला जारी रह सकता है।  

पेपर लीक में मामले में गिरफ्तार रामकुमार ने अपने बेटे को लेखपाल बनाने की पूरी तैयारी कर ली थी। उसके बेटे ने भी परीक्षा दी थी और ये बात साफ है कि जो पेपर आउट हुआ था वो उसके बेटे ने भी देखा होगा। लोक सेवा आयोग में तैनात संजीव चतुर्वेदी से रामकुमार की दोस्ती थी। लक्सर के सेठपुर गांव निवासी रामकुमार का परिवार क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखता है। उसका भाई राजकुमार पूर्व में ग्राम प्रधान भी रहा है। बेटी एमबीबीएस की छात्रा है।

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जांच के बाद पता चला है कि जिन अभ्यर्थियों को पेपर लीक कराया गया था उन्हें एक दिन पहले पेपर पढ़वाने के लिए सीमावर्ती बिहारीगढ़ के रिजार्ट माया अरुण बुलाया गया था। कुछ अभ्यर्थियों को रामकुमार के घर सेठपुर लक्सर बुलाया गया। जबकि कुछ अभ्यर्थियों को अन्य गुप्त ठिकानों पर बुलाया गया था। करीब 35 अभ्यर्थियों को पेपर आउट कराया गया था और उन पर भी कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।

राज्य लोक सेवा आयोग की ओर से कराई गई लेखपाल भर्ती परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण में कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। वहीं इस प्रकरण से गुस्साए बेरोजगार युवाओं ने राज्य लोक सेवा आयोग कार्यालय के बाहर न सिर्फ जमकर हंगामा किया, बल्कि सरकार से आरोपितों को कड़ी सजा देने की मांग भी की है। राज्य के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है।

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