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उत्तराखंड : आवासीय कॉलोनी में दुकानें और हॉस्टल चलाना पड़ा भारी, एमडीडीए ने पांच जगह जड़ा ताला

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MDDA Action | Dehradun Sealing | Illegal Construction : राजधानी देहरादून में अवैध निर्माण और आवासीय भवनों में नियमों के खिलाफ व्यावसायिक गतिविधियां चलाने वालों पर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने कार्रवाई की है। प्राधिकरण की टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में अभियान चलाकर पांच मामलों में सीलिंग की। इनमें आवासीय कॉलोनियों में दुकानें चलाने, बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण करने और भवनों का इस्तेमाल बदलने से जुड़े मामले शामिल हैं।

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MDDA ने यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में की है। प्राधिकरण का कहना है कि शहर में नियोजित विकास बनाए रखने और निर्माण संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।

प्रवर्तन टीम ने इंजीनियर इन्क्लेव फेस-1 में तीन परिसरों को सील किया। यहां कृष्णा डेयरी के नाम से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। इसी क्षेत्र में रोहित विशाल की दुकान पर भी कार्रवाई की गई।

इसके अलावा एक अन्य आवासीय परिसर में बिना जरूरी स्वीकृति निर्माण में बदलाव और व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने का मामला सामने आया। प्राधिकरण ने इस परिसर को भी सील कर दिया।

MDDA की इस कार्रवाई का उद्देश्य आवासीय क्षेत्रों में तय भू-उपयोग के विपरीत चल रही गतिविधियों पर रोक लगाना है।

प्राधिकरण की टीम ने ईस्ट होप टाउन के लक्ष्मीपुर, प्रेमनगर क्षेत्र में भी कार्रवाई की। यहां मयूर की ओर से बिना स्वीकृत मानचित्र के दो व्यावसायिक दुकानों का निर्माण किया जा रहा था। नियमों के उल्लंघन के चलते संबंधित निर्माण को सील कर दिया गया।

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि भवन निर्माण शुरू करने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत नक्शा पास कराना और जरूरी अनुमतियां लेना आवश्यक है।

कार्रवाई के दौरान केहरी गांव स्थित महिमा इन्क्लेव की लेन नंबर-2 में भी एक निर्माण को सील किया गया। यहां कुन्दन सिंह की ओर से स्टिल्ट सहित तीन मंजिलों पर हॉस्टल बनाया जा रहा था।

MDDA के मुताबिक निर्माण स्वीकृत मानचित्र से अलग था और भवन के उपयोग में भी बदलाव किया गया था। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर प्राधिकरण ने कार्रवाई की।

MDDA के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और भू-उपयोग से जुड़े नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है।

उन्होंने भवन स्वामियों और कारोबारियों से अपील की कि निर्माण से पहले जरूरी मंजूरी लें और भवन का इस्तेमाल स्वीकृत मानचित्र व निर्धारित भू-उपयोग के मुताबिक ही करें।

MDDA के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने भी अवैध निर्माण और अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान जारी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। जहां नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्राधिकरण की इस कार्रवाई से साफ है कि देहरादून में आवासीय कॉलोनियों के भीतर नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां चलाने और स्वीकृत नक्शे से अलग निर्माण करने वालों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है।

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