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राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस पर तमिलनाडु पहुंचे मंत्री सौरभ बहुगुणा, विजन की हुई प्रशंसा


देहरादून: देश के चहुंमुखी विकास के लिए हर क्षेत्र में आगे बढ़ना आवश्यक है। अपने अन्य क्षेत्रों के लिए अधिक पहचान पाने वाला उत्तराखंड अब कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा की अगुवाई में पशुपालन, मत्स्य पालन, डेयरी आदि के क्षेत्र में भी निरंतर विकास कर रहा है। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए कैबिनेट मंत्री बहुगुणा आज “राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस” के अवसर पर तमिलनाडु के महाबलीपुरम में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

विदित हो कि, केंद्र सरकार द्वारा महाबलीपुरम में “राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस” का बड़े स्तर पर आयोजन किया गया है। जानकारी के मुताबिक इस अवसर पर “समर मीट 2023” के साथ “स्टार्ट अप कॉन्क्लेव” का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री (पशुपालन डेयरी एवं मत्स्य पालन) परशोत्तम रुपाला ने कहा, “यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न का नतीजा है कि पहली बार मत्स्य पालक दिवस को इस स्तर पर मनाया जा रहा है।”

कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए कार्यक्रम में भाग लिया, जहां पर मछली पालन क्षेत्र से जुड़े किसान, शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ, उद्यमी, मछुआरे और नीति निर्माता उपस्थित रहे। इसके बाद कैबिनेट मंत्री बहुगुणा ने परिवार संग महाबलीपुरम में स्थित “शोर मंदिर” जाकर भोले बाबा का आशीर्वाद लिया और विश्व प्रसिद्ध धरोहर स्थल “कृष्णा के बटरबॉल” का दौरा भी किया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री परशोत्तम रुपाला भी उपस्थित रहे।

ज्ञात हो कि महाबलीपुरम में बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित प्राचीन शोर मंदिर को भारतीय पल्लव राजवंश द्वारा करीब 1400 साल बनाया गया था। इसके अलावा बता दें कि “कृष्णा बटरबॉल” नाम से प्रसिद्ध विश्व धरोहर स्थल एक 250 टन की विशाल ग्रेनाइट चट्टान है, जो प्राकृतिक रूप से पहाड़ियों की ढलान पर बेहद नाजुक ढंग से संतुलित है। सैंकड़ों साल से यहां टिके इस पत्थर को लेकर कहा जाता है कि आजतक कोई तूफान या सुनामी इसे नहीं हिला सकी। इसे ” स्टोन ऑफ गॉड ” के नाम से भी जाना जाता है।

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