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डीएम सविन बंसल की सोच को सलाम,नैनीझील के लिए लाखों खर्च करेगा UN

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हल्द्वानी: डीएम सविन बंसल एक बार फिर सुर्खियों में है। नैनीताल झील सो स्वच्छ बनाने को लेकर उनके आईडिया को कामयाबी मिली है। इस प्रोजेक्ट के लिए यूनाइटेड नेशंस की मंजूरी भी मिल गई है। नैनीताल की नैनी झील को नया जीवनदान देना डीएम सविन बंसल की प्राथमिकता रही है। कुछ वक्त पहले झील के पानी की गुणवत्ता ( डेप्थ मैपिंग, जल गुणवत्ता विश्लेषण, पीएच लेवल, डीओ और क्लोरिन ) जांच के लिए इसरो के वैज्ञानिक नैनीताल पहुंचे थे।

वैज्ञानिकों ने झील की बैथीमेट्री स्टडी की थी। जांच के बाद रिपोर्ट को जिला प्रशासन ने यूएनडीपी को भेजा था। डीएम सविन बंसल की मेहनत रंग लाई और यूनाइटेड नेशंस ने नैनी झील की सतत निगरानी परियोजना को मंजूरी दे दी है। यह पहला मौका है कि यूएन ने भारत में किसी झील के स्टडी प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। अब झील को लेकर होने वाले वित्तीय और तकनीकी कार्य यूएन की तरफ से निशुल्क होंगे।

इस बारे में डीएम सविन बंसल ने बताया कि झील के पानी की सतत निगरानी के लिए यूएन ने परियोजना स्वीकृत कर दी है। प्रोजेक्ट का बजट 55 लाख रुपये है, जिसका एमओयू जल्द होगा। प्रोजेक्ट के अंतर्गत यूएन की तरफ से झील के दोनों छोर पर पानी की गुणवत्ता चेक करने के लिए सेंसर लगाए जाएंगे। लोगों को पानी की गुणवत्ता की जानकारी देने के लिए तल्लीताल में गांधी मूर्ति के पास एलईडी मॉनीटर लगाया जाएगा। इसके साथ ही एनआईएच से झील के आंतरिक जल स्त्रोतों का सर्वे भी कराया जाएगा।

गौरतलब हो कि नवंबर में इसरो के वैज्ञानिकों का एक दल नैनीताल आया था। उन्होंने तकनीकी तौर पर अध्ययन किया। हाईटेक मशीनों की मदद से झील की गहराई नापी गई। झील की तलहटी में जमा मलबे और दूसरे पदार्थों की भी स्टडी की गई थी। वैज्ञानिकों ने सोनार सिस्टम की मदद से झील का अध्ययन किया था।

फोटो सौजन्य-राज्यसमीक्षा

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