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India में होगा विदेशों जैसा सफर, चलेगी पहली अंडर वॉटर ट्रेन !

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नई दिल्लीः यदि आप नदी के नीचे रेल यात्रा करना चाहते हैं तो जल्द ही आपकी ये इच्छा पूरा हो सकती है। India में नदी के नीचे चलने वाली पहली मेट्रो रेल लाइन का काम लगभग पूरा हो रहा है। भारत में पहली बार नदी के नीचे ट्रांसपोर्ट टनल बनाई गई है। यहां अप और डाउन लाइन पर दो सुरंगें बनाई गई हैं। सुरंग को पानी के रिसाव से बचाने के लिए 3 स्तर के सुरक्षा कवच बनाए गए हैं। इस सुरंग में 80 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से मेट्रो ट्रेन चलेेेेगी।

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सॉल्ट लेक सेक्टर-5 से सॉल्ट लेक स्टेडियम​ के बीच इस लाइन पर करुणामयी, सेंट्रल पार्क, सिटी सेंटर और बंगाल केमिकल मेट्रो स्टेशन मौजूद हैं। कोलकाता मेट्रो भारतीय रेल के अधीन आता है और रेलवे इस पूरे प्रोजक्ट पर 8572 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।

इसी लाइन पर India में पहली बार नदी के अंदर ट्रांसपोर्ट टनल बनाई जा रही है। अप और डाउन लाइन पर यहां दो सुरंगें बनाई जा रही हैं जो करीब 1.4 किलोमीटर लंबी है। यहां हुगली नदी की चौड़ाई करीब 520 मीटर है और इस नदी तल के नीचे से होकर मेट्रो गुज़रेगी।

गौरतलब है कि इस प्रोजेक्ट पर साल 2009 से काम चल रहा है। मौजूदा रेलमंत्री पीयूष गोयल के कार्यकाल में भी ये काम काफी तेज़ी से हो रहा है। उम्मीद की जा रही है कि 2021 में यह पूरी लाइन शुरू हो जाएगी। इसी लाइन पर भारतीय रेल के हावड़ा और सियालदाह स्टेशन मौजूद होंगे। रेलवे को उम्मीद है कि साल 2035 तक रोज़ाना करीब 10 लाख लोग कोलकाता मेट्रो की इस लाइन का इस्तेमाल कर सकेंगे।

जानकारी हो कि देश की पहली अंडरवाटर टनल कोलकाता में हुगली नदी के नीचे बन रही है। कोलकाता मेट्रो के दूसरे चरण के तहत तहत इस सुरंग का निर्माण जापान के सहयोग से भारतीय रेल द्वारा किया जा रहा है। इसके पूरा होने पर कोलकाता का नाम विश्र्व के उन चुनिंदा महानगरों में शामिल हो जाएगा जहां मेट्रो की लाइन नदी के नीचे से गुजरी है।

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