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INDIA गठबंधन की बैठक में मंथन, प्रधानमंत्री पद के लिए राहुल गांधी से ऊपर ये नाम !

INDI Alliance: दिसंबर महीने की शुरुआत में आए 5 राज्यों के चुनाव के नतीजों ने INDI एलायंस के भीतर की तनातनी को बढ़ाया है या घटाया है। यह बात आज की बैठक के बाद भी स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई, पर इस राष्ट्रीय गठबंधन पर कांग्रेस की पकड़ कमज़ोर ज़रूर हुई है, जिसे बरकरार रखने के लिए कांग्रेस ने पाँच सदस्यीय राष्ट्रीय गठबंधन समिति के सभी सदस्यों का कांग्रेस पार्टी के भीतर से ही चयन किया है।

विधानसभा चुनाव में भाजपा से बुरी तरह हारने वाले दो मुख्यमंत्री भी इस पाँच सदस्यीय राष्ट्रीय गठबंधन समिति के सदस्य हैं ।एक हैं राजस्थान के अशोक गहलोत और दूसरे छत्तीसगढ़ के भूपेश बघेल। इनके अलावा अन्य तीन सदस्य सलमान खुर्शीद, मोहन प्रकाश और मुकुल वासनिक हैं।

INDI एलायंस की इस बैठक में आज होने वाली चर्चा के विशेष मुद्दों की सूची में जनहित से जुड़ा कोई विशेष बिंदु नहीं था। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो दलित-पिछड़े क्षेत्रों के साथ सीट बंटवारे पर अहम चर्चा हुई है, क्योंकि कांग्रेस अपने वोट बैंक को दोबारा प्राप्त करने का प्रयास कर रही है। जो मोदी सरकार की नीतियों से प्रभावित होता नज़र आ रहा है।

INDI एलायंस की पिछली बैठक से किनारा करने के लिए निमंत्रण ना प्राप्त होने का बहाना बनाने वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री जो देश की एकमात्र महिला मुख्यमंत्री हैं, उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में मनोनीत किया तो इस गठबंधन के सूत्रधार कहे जाने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार के पैरों के नीचे से ज़मीन खिसक गई क्योंकि यह बैठक शुरू होने से पहले उनकी पार्टी द्वारा बड़े-बड़े बैनरों के माध्यम से उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बताया जा रहा था।

वहीँ महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने संयोजक पद पर दावा ठोका तो महाराष्ट्र से ही आने वाले वरिष्ठ नेता शरद पवार ने राहुल गाँधी का नाम आगे बढ़ाते नजर आ रहे हैं। बैठक के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि “सभी दल जल्द सीट बंटवारा कर चुनाव लड़ने को तैयार हैं” हालांकि अपने PDA ‘पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक’ के मुद्दे को लेकर आगे बढ़ रहे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष खुलकर कुछ भी बोलने से बचते नज़र आए। 31 दिसंबर तक सीट बंटवारे होने की अंतिम तिथि आने के बाद सभी दल अपना पूरा ज़ोर लगाकर अपने अस्तित्व को बचाने एवं गठबंधन में मज़बूत स्थान प्राप्त करने में जुट गए हैं।

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