Uttarakhand News

अनलॉक-3 की गाइडलाइन का राज्य सरकार ने किया उल्लंघन, गृह सचिव ने लिखी चिट्ठी

Ad

नई दिल्ली: अनलॉक-3 में एक राज्य से दूसरे राज्य जाने वाले लोगों की परेशानी को गृह मंत्रालय ने समझा है और कहा है कि जिले- राज्य स्तर पर आवाजाही में पाबंदी नहीं लगाई जा सकती है।मंत्रालय की ओर से राज्य सरकारों को एक चिट्ठी लिखी गई है। बता दें कि गृहमंत्रालय ने देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि अनलॉक-3 के लागू होने के बाद लोगों या वस्तुओं और सेवा क्षेत्र में कार्यरत अंतर-राज्य आवाजाही के साथ-साथ राज्य के अंदर आवागमन पर किसी भी तरह की पाबंदी नहीं होनी चाहिए।

ADVERTISEMENTS Ad

गृह मंत्रालय ने 29 जुलाई, 2020 को जारी ऑर्डर, जिसमें‘Unlock-3’ के लिए दिशा-निर्देशों पर ध्यान आकर्षित कराते हुए इस पत्र में यह बात दोहराई है कि लोगों और वस्तुओं की अंतर-राज्य आवाजाही के साथ-साथ राज्य के अंदर आवागमन पर भी कोई पाबंदी नहीं होगी। इस तरह की आवाजाही के लिए अलग से अनुमति या ई-परमिट लेने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। इसमें पड़ोसी देशों के साथ की गई संधियों के तहत सीमा पार व्यापार के लिए वस्‍तुओं और लोगों की आवाजाही भी शामिल है।

सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को भेजे गए एक पत्र में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि जानकारी मिली है कि विभिन्न जिलों/राज्यों द्वारा आवाजाही पर स्थानीय स्तर पर पाबंदियां लगाई जा रही हैं। इसके वजह से वस्‍तुओं एवं सेवाओं की अंतर-राज्य आवाजाही में समस्याएं पैदा कर रही हैं और इसके साथ ही सप्‍लाई चेन को भी प्रभावित कर रही हैं। इसके परिणामस्वरूप आर्थिक गतिविधियों और रोजगार में परेशानियां पैदा हो रही हैं। वस्‍तुओं और सेवाओं की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है।

गृह सचिव ने कहा कि जिला प्रशासन या राज्यों की तरफ से स्थानीय स्तर पर लगाई गई इस तरह की पाबंदियां दरअसल आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के तहत MHA की जारी की गाइडलाइंस का उल्लंघन है।

विदेशी जोड़े को भाया उत्तराखंड, पहाड़ी रीति-रिवाज से बांधा सात जन्मों का बंधन

आप दिल्ली की तर्ज में उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बनाएगी मोहल्ला क्लीनिक

ADVERTISEMENTS Ad
To Top