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उत्तराखंड में नई SOP जारी,परिवहन में किसी भी तरह की रोक टोक नहीं,रात्रि कर्फ्यू लगाया जा सकता है

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हल्द्वानी: कोरोना वायरस से लड़ रही दुनिया के सामने अब कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन की चुनौती आ गई है। ब्रिटेन में सामने आए स्ट्रेन से उत्तराखंड में भी लोगों को चिंता होने लगी है। सुरक्षा के लिए अब दिशा निर्देश जारी होने लग गए है। सभी राज्यों ने सुरक्षा नियमों पर काम करना शुरू कर दिया है। उत्तराखंड में कुछ दिन पहले 7 लोग ब्रिटेन से लौटे हैं जो कोरोना संक्रमित पाए गए हैं फिलहाल स्ट्रेन को लेकर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है बस इतना सामने आया है कि यह कोरोना वायरस के मुकाबले ज्यादा तेजी से फैलता है। उत्तराखंड शासन की ओर से सभी जिलों में सतर्कता और सख्त निगरानी रखने को कहा गया है।

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आदेश में कहा गया है कि अगर प्रदेश में कोरोना वायरस के मामले बढ़ते हैं तो रात्रि कर्फ्यू लगाया जा सकता है। इसके अलावा राज्य में अनलॉक की गाइडलाइन भी जारी हो गई है जो 31 जनवरी तक लागू रहेंगी। नए साल के समारोह और सर्दियों में राज्य में सैंकड़ों की तादत में सैलानी आते हैं और वायरस के फैलना का खतरा भी अधिक हैं, इसी को देखते हुए सभी जिलों से उचित कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

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मंगलवार को मुख्य सचिव ओमप्रकाश की तरफ से जारी गाइडलाइन जारी की गई। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन किया जाए। इसके अलावा कोरोना वायरस को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राज्य कोरोना से रोकथाम हेतु रात या सप्ताह के आखिर में कर्फ्यू लगाना सुनिश्चित करें।

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इस बारे में जनता को पहले जानकारी दी जाए ताकि उनके पास जरूरत का सामान खरीदने का वक्त हो। इसके अलावा दिन के वक्त उत्सव व समारोह के आयोजन की अनुमति ना देने के बाद भी कोर्ट ने राज्य सरकार को दी है। अगर अनुमति मिलती है तो कोरोना वायरस के नियमों का पालन सख्ती से होना चाहिए। कोरोना वायरस के लोगों को बचाने का कार्य कर रहे फ्रंट लाइन वर्कर्स को आराम के संबंध में भी बात गाइडलाइन में कही गई है। नई एसओपी में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि अंतरराज्यीय और राज्यों के अंदर परिवहन में किसी भी तरह की रोक टोक नहीं होगी।

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