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युवाओं को नशे से दूर करना है तो अभिभावकों को आगे आना होगा

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देहरादून: एक ओर टेक्नोलॉजी में तीव्र गति से प्रगति हो रही है, वहीं दूसरी ओर नशीली दवाओं एवं मादक पदार्थों का उत्पादन, प्रसारण, वितरण व सेवन भी तेजी से बढ़ रहा है। छोटे गांव से लेकर बड़े-बड़े महानगरों में नशीली दवाओं का बढ़ता उपयोग चिंताजनक है और यह समाज के लिये एक गंभीर समस्या के तौर पर उभर रहा है।

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यह चिंता सूबे के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने आज राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में ‘अन्तर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस’ पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि जाहिर की। राज्यपाल ने कहा कि मादक पदार्थों व नशीली दवाओं का उपयोग समाज के लिए एक गंभीर समस्या बन रहा है। इसकी चपेट में छोटे गांव से लेकर बड़े-बड़े महानगर आ चुके हैं जोकि बेहद चिंताजनक है।

उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के सेवन और वितरण की रोकथाम में समाज के सभी वर्गों को समन्वित रूप से प्रयास करने होंगे। उन्होंने नशे की रोकथाम में जनजागरूकता को बेहद जरूरी बताया। राज्यपाल ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मनियंत्रण और आत्मानुशासन के बल पर नशे व मादक पदार्थों के सेवन से स्वयं को दूर रखें। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं को नशा-मुक्ति शपथ भी दिलाई।

इस अवसर पर प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बतौर विशिष्ट अथिति कार्यशाला में उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2025 तक ड्रग फ्री देवभूमि का लक्ष्य तय किया है, इसके लिए उन्होंने जनसहयोग की आवश्यकता बतायी। उन्होने कहा कि समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक होना बेहद जरूरी है और समय-समय पर लोगों को इसके दुष्प्रभाव के बारे में बताया जाना महत्वपूर्ण है।

स्वास्थ्य मंत्री डा. रावत ने बताया कि सरकार ने सूबे के समस्त स्कूलों एवं कॉलेजों को ड्रग फ्री कैम्पस बनाने का लक्ष्य भी तय किया है ताकि प्रदेश की युवा पीढ़ी नशे के दुष्प्रभावों से बच सके और एक स्वस्थ समाज फल-फूल सके। उन्होंने बताया कि एक सर्वे के मुताबिक प्रदेश में लगभग 18 फीसदी लोग नशे में शराब एवं 1.4 फीसदी लोग नशे में चरस, गांजा व अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करते है, जो कि प्रदेश के लिये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। डा. रावत ने अभिभावकों से कहा कि वह अपने बच्चों की गतिविधियों पर जरूर नज़र रखें और उनसे बातचीत कर नशे के दुष्प्रभावों के प्रति उन्हें जागरूक करें। उन्होंने प्रदेश के युवाओं को सरकार द्वारा संचालित रोजगार योजनाओं का लाभ उठाने की भी अपील की।

कार्यक्रम में दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना, अपर सचिव स्वास्थ्य अमनप्रीत कौर, रजिस्ट्रार हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय डॉ. एम. के. पंत, कार्यक्रम के आयोजन अध्यक्ष डॉ. देवव्रत राय सहित दून मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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