Almora News

अल्मोड़ा के पवित्र जोशी का कमाल का आइडिया, भांग से बन सकते हैं 25 हजार प्रोडक्ट्स

Ad
Ad
Ad
Ad
Ad

अल्मोड़ा: कुछ साल पहले उत्तराखंड में अगर भांग (HEMP IN UTTARAKHAND) की बात होने पर नशीला पर्दाथ पर चर्चा शुरू हो जाती थी लेकिन कहते हैं ना… शिक्षित समाज के सामने कुछ भी नामुमकिन नहीं हैं। पिछले कुछ सालों में ऐसा ही हुआ है। उत्तराखंड में उगने वाले भांग से युवाओं ने कई प्रोडक्ट्स बना डाले और वह भी ऐसे प्रोडक्ट्स जिनका प्रयोग रोजाना होता है। धीर-धीरे बाहर के लोगों को भी भांग की उपयोगिता के बारे में पता चला तो अब पहाड़ों में उगने वाले भांग की वैश्विक स्तर पर खूब डिमांड है।

PAVITRA JOSHI STARTUP IN ALMORA

उत्तराखंड में भांग की खेती कर कई लोगों ने अपना स्टार्टअप शुरू किया है। वह अपने साथ कई लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं और बाजार में नई चीज ला रहे हैं। अल्मोड़ा के रहने वाले पवित्र जोशी ( PAVITRA JOSHI ALMORA) ने भांग को अपनी आय का साधन बना लिया। उन्होंने इससे अपने काम का हिस्सा बनाया है। उनका स्टार्टअप ‘कुमाऊँ खंड’ भांग के कई प्रॉडक्ट्स बनाता है। पवित्र जोशी के बिजनेस मॉडल कई युवाओं को प्रेरित करने लायक है।

PAVITRA JOSHI HEMP STARTUP IN UTTARAKHAND

पवित्र जोशी ( PAVITRA JOSHI HEMP STARTUP) ने मुंबई के टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान से सामाजिक उद्यमिता विषय में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री ली हुई है। पवित्र ने बताया कि पढ़ाई के दौरान एक प्रोजेक्ट पर वह काम कर रहे थे। उन्हें सामाजिक तौर पर लोगों से जुड़े और सामाजिक छाप छोड़े और समाज में बदलाव लाने विषय पर कार्य करना था। काम के दौरान उन्हें उत्तराखंड की याद आई। वह हमेशा से कुछ अलग करना चाहते थे। उन्हें मालूम था कि राज्य के लोग कम संसाधनों के बीच रहते हैं। पर्वतीय जिलों में कई सुविधाओं का अभाव है। साल 2018 में उत्तराखंड सरकार ने भांग की खेती को मंजूरी दी थी। इस दौरान उनके दिमाग में भांग से जुड़ा काम करने का आइडिया आया।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी मैक्सफेस क्लीनिक:अब डेंटल और एस्थेटिक्स ट्रीटमेंट के लिए महानगर जाने की जरूरत नहीं

आइडिये को फ्लोर पर उतारना था तो पवित्र ने एक साल रिसर्च को दिया। पहाड़ों की यात्रा की तो उन्हें पता चला कि विदेशों में फ़ूड इंडस्ट्री से लेकर फैब्रिक इंडस्ट्री में भांग का इस्तेमाल हो रहा है। गाड़ी बनाने के लिए प्लास्टिक की जगह भांग के रेशे का इस्तेमाल होता है। इसके बीज से ईंधन भी बनाया जा रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी गणतंत्र दिवस, भरत योग समिति ने प्रतिभाशाली बच्चों को दिया मंच

HEMP PRODUCTS IN UTTARAKHAND

साल 2019 में उन्होंने भांग का नमक और हेम्प सीड ऑयल मार्केट लांच किया। उनके दोनों प्रॉडक्ट्स को अच्छा रिस्पॉन्स मिला। इसके बाद उन्हें पता चल गया कि अगर वेराइटी होगी तो लोग पसंद करेंगे। इसके बाद उन्होंने कई प्रोडक्ट लांच करें।  उनके स्टार्टअप के अंदर चार कैटेगरी में भांग के प्रोडक्ट मौजूद हैं।  फ़ूड, फैशन, कन्स्ट्रक्शन और पर्सनल एंड हेल्थ केयर पर पवित्र काम कर रहे हैं।

फ़ूड केटेगरी में हेम्प सीड ऑयल, भांग का नमक, प्रोटीन पाउडर, हेम्प हार्ट्स आते हैं।फैशन केटेगरी में हेम्प टी-शर्ट्स और हेम्प मास्क हैं। भांग के पौधे से रेशा निकालकर उससे धागा तैयार करके टी-शर्ट्स और मास्क तैयार करते हैं। कन्स्ट्रक्शन केटेगरी में होम स्टे तैयार किया गया है। होम स्टे, भांग डंठल से बना होने के कारण इसमें दीमक नहीं लगता। आग और पानी का भी इस पर असर नहीं होता। इसे बनाने में लागत भी कम आती है। पर्सनल एंड हेल्थ केयर में हेम्प का शैम्पू बार, क्रीम, बॉडी लोशन और सीबीडी ऑयल बनाते हैं।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में मौसम को लेकर नया अपडेट, एक क्लिक में जाने 29 जनवरी तक का हाल

पवित्र जोशी ( PAVITRA JOSHI HEMP STARTUP)  का कहना है कि भांग का पौधा 14 से 20 फ़ीट की ऊंचाई तक जाता है। बांस के पौधे से इसकी तुलना की जा सकती है। उन्होंने बताया कि भांग से भी करीब 25 हज़ार से भी ज़्यादा प्रॉडक्ट्स बनाए जा सकते हैं। भांग के पौधे से निकलने वाला रेशा भी काफ़ी मजबूत होता है और इसकी खेती में पानी की भी कम खपत होती है। इसको जानवर भी नुकसान नहीं पहुंचाते। उनके स्टार्टअप कुमाऊँ खंड के साथ पिथौरागढ़, बागेश्वर और अल्मोड़ा ज़िले के करीबन 300 से ज़्यादा किसान जुड़े हैं। इनसे वो भांग की उपज खरीदते हैं। इसके अलावा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा और नैनीताल से 10 स्वयं सहायता समूह भी उनके साथ जुड़े हुए हैं।

To Top