
Pithoragarh Crime | Minor Girl | POCSO Case : उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में 16 वर्षीय दिव्यांग किशोरी से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस की शुरुआती जांच में किशोरी के रिश्ते में ताऊ पर दुष्कर्म का आरोप सामने आया है। मामले की जानकारी उस समय हुई…जब तबीयत बिगड़ने पर परिजन किशोरी को इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
अस्पताल में चिकित्सकीय जांच के दौरान किशोरी के करीब तीन महीने की गर्भवती होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने नियमानुसार पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम जिला अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस की शुरुआती जांच में परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर किशोरी के ताऊ पर दुष्कर्म का आरोप सामने आया है। बताया गया है कि घटना के बाद परिवार ने सामाजिक बदनामी के डर से मामले की जानकारी पहले पुलिस को नहीं दी थी।
पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। कोतवाल ललित मोहन जोशी ने कहा कि किशोरी की हालत फिलहाल ठीक नहीं है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। उसकी स्थिति सामान्य होने के बाद पुलिस उससे घटना के संबंध में जानकारी लेगी। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
किशोरी की हालत पर पुलिस की नजर
बताया गया है कि किशोरी ठीक से बोल नहीं पाती है और उसे दौरे भी पड़ते हैं। ऐसे में पुलिस उसकी स्थिति को देखते हुए आगे की जांच कर रही है। मामले में चिकित्सकीय जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अल्मोड़ा में नाबालिग से लैंगिक अपराध के मामले में सजा
वहीं अल्मोड़ा में पांच साल की बच्ची से लैंगिक अपराध के मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) श्रीकांत पांडेय की अदालत ने देव सिंह को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार सितंबर 2024 में बच्ची के पिता ने शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से आठ गवाह पेश किए गए और संबंधित दस्तावेजी साक्ष्य अदालत के सामने रखे गए। साक्ष्यों और मामले की पत्रावली का परीक्षण करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।
अदालत के आदेश के अनुसार जेल में पहले बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक अर्थदंड की राशि में से चार लाख रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दिए जाने का प्रावधान किया गया है।






