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धामी ने एक बार फिर राज्यवासियों की सुनी, न्याय से कोई समझौता नहीं किया जाएगा !

CM DHAMI
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देहरादून: उत्तराखंड में बीते पंद्रह दिनों के घटनाक्रम ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक दृढ़, संवेदनशील और निर्णायक नेतृत्व के रूप में स्थापित किया है। जिस तरह से उन्होंने इस कठिन समय में परिस्थितियों का सामना किया, उसने उनके नेतृत्व की परिपक्वता को स्पष्ट रूप से सामने रखा है।

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चार वर्ष पहले जब उन्होंने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी, तब राजनीतिक गलियारों में यह संदेह बना हुआ था कि क्या वे इस चुनौतीपूर्ण राज्य को स्थिरता दे पाएंगे। बार-बार नेतृत्व परिवर्तन देखने वाले उत्तराखंड में कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना था कि यह भी केवल एक अस्थायी प्रयोग होगा। लेकिन समय के साथ धामी ने न केवल इन आशंकाओं को गलत साबित किया, बल्कि यह भी दिखाया कि वे संकट के क्षणों में कठोर और साहसिक निर्णय लेने से पीछे नहीं हटते।

हालिया घटनाक्रम में कई प्रभावशाली नाम सामने आए और अनेक राजनीतिक समीकरण प्रभावित हुए, लेकिन मुख्यमंत्री स्वयं किसी भी विवाद से पूरी तरह अलग रहे। इसका प्रमुख कारण उनकी अब तक बनी साफ-सुथरी और पारदर्शी छवि है, जिसे चुनौती देना विरोधियों के लिए भी आसान नहीं रहा।

सरकार का रुख शुरू से स्पष्ट रहा है कि न्याय से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, चाहे इसके लिए राजनीतिक जोखिम ही क्यों न उठाने पड़ें। अब सीबीआई जांच से पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और यह उम्मीद की जा रही है कि बहन अंकिता को पूर्ण और निष्पक्ष न्याय अवश्य मिलेगा।

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