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नैनीताल: घंटों अस्पताल में पड़ा रहा बीमार दिव्यांग,भर्ती करने के बजाय डॉक्टरों ने घर छुड़वा दिया



नैनीताल: जिले की स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाएं पर सवालिया निशान खड़ा हो रहा है। रामनगर के एक अस्पताल में बीमार दिव्यांग घंटों तक प्रशासन और डॉक्टरों से मदद की गुहार लगाता रहा। मगर उसको देख पर भी सबने अनदेखा कर दिया। बाद में भर्ती करने के बजाय डॉक्टरों ने उसे 108 से उसके घर छुड़वा दिया। अब मामला उच्च स्तर पर पहुंचा है। जहां से जांच होने की बात सामने आई है।

रामनगर हनुमानगढ़ी के निवासी अंकुर अग्रवाल चलने फिरने में अक्षम हैं और ऊपर से कुछ दिनों से खासे बीमार भी चल रहे थे। उनकी देखरेख करने वाले लोगों में केवल उनके पड़ोसी ही थे। तबीयत बिगड़ी तो पड़ोसियों ने 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया। खुद अंकुर ने जानकारी दी कि वे सुबह 11 बजे अस्पताल पहुंच गए थे।

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उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने देखकर भी अनदेखा कर दिया। साथ में कोई भी तीमारदार ना होने के कारण ना तो इलाज ही किया और ना ही अस्पताल में भर्ती किया। जब कुछ देर हुई और डॉक्टरों का दिल नहीं पसीजा तो अंकुर ने घर वापस छोड़ने की भी गुहार लगाई। मगर अब भी किसी ने उनकी एक ना सुनी।

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अब इसके बाद शाम पांच बजे के करीब नायब तहसीलदार वीर सिंह चौहान अस्पताल अस्पताल आए तो उन्हें दिव्यांग के बारे में जानकारी मिली। जिसके बाद नायब तहसीलदार ने अंकुर से पूछताछ करने के बाद अस्पताल प्रशासन से दिव्यांग को भर्ती करने के लिए कहा। लेकिन अब भी प्रशासन के कानों में जूं नहीं रेंगी। बजाय भर्ती करने के प्रशासन ने दिव्यांग को 108 से उसके घर छुड़वा दिया।

इस मामले पर अस्पताल प्रशासन ने अलग ही बात सामने रखी है। अस्पताल प्रबंधक डॉ. अनमोल ठाकुर ने कहा की मनीज मनोरोगी था। इसलिए अस्पताल में उनकी देखरेख करना मुमकिन नही था। यही कारण था कि मरीज को घर भेजा गया। इधर, एसडीएम विजयनाथ शुक्ल ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि मरीज को इलाज नहीं दिया गया होगा तो मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

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