
Ramsharan Nautiyal | Uttarakhand Politics | Congress Party : उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को एक नया राजनीतिक साथी मिला है। गायक जुबिन नौटियाल के पिता और पूर्व भाजपा नेता रामशरण नौटियाल कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। उन्होंने सोमवार 19 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ली। इस दौरान उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य मौजूद रहे।

रामशरण नौटियाल के भाजपा छोड़ने के बाद से ही उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। कांग्रेस में शामिल होने के साथ ही उन्होंने एक बार फिर अपनी पुरानी पार्टी में वापसी की है।
रामशरण नौटियाल उत्तराखंड की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह देहरादून जिला पंचायत के अध्यक्ष रह चुके हैं। अप्रैल 2014 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। अब लगभग 12 साल बाद उनकी कांग्रेस में वापसी हुई है।
भाजपा ने 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्हें चकराता सीट से उम्मीदवार बनाया था। इस चुनाव में उनका मुकाबला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह से हुआ। चुनाव में रामशरण नौटियाल को 27417 वोट मिले, जबकि प्रीतम सिंह को 36853 मत हासिल हुए। इस तरह नौटियाल 9436 वोटों से चुनाव हार गए थे।
भाजपा से इस्तीफा देने से पहले रामशरण नौटियाल ने संगठन में सम्मान नहीं मिलने की शिकायत की थी। उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों में अपमानित किए जाने का आरोप भी लगाया था।
नौटियाल का कहना था कि किसी भी पार्टी में लंबे समय तक काम करने के बाद उसे छोड़ना आसान नहीं होता। लेकिन जब व्यक्ति को सम्मान नहीं मिलता….तो उसके लिए वहां बने रहना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने अपनी नाराजगी के लिए पार्टी के प्रदेश नेतृत्व की भूमिका पर भी सवाल उठाए थे।
रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है। चकराता और जौनसार-बावर क्षेत्र में उनके पुराने राजनीतिक संपर्क हैं। ऐसे में कांग्रेस उनके अनुभव का इस्तेमाल स्थानीय स्तर पर कर सकती है।
हालांकि पार्टी में उन्हें कौन-सी जिम्मेदारी मिलेगी और क्या वह आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे….इस बारे में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। उनकी वापसी से क्षेत्रीय राजनीति में क्या बदलाव आएगा…यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
कांग्रेस में शामिल होने के मौके पर प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने रामशरण नौटियाल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि नौटियाल भाजपा के माहौल से असहज महसूस कर रहे थे….और अब फिर कांग्रेस में आए हैं।
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी उनके पार्टी में शामिल होने का स्वागत किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि नौटियाल के अनुभव से कांग्रेस को मजबूती मिलेगी।
रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी के बाद अब निगाहें पार्टी के अगले कदम पर हैं। खास तौर पर चकराता क्षेत्र में उनकी भूमिका और 2027 के चुनाव में कांग्रेस की रणनीति को लेकर चर्चा तेज हो सकती है।



