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बारिश के वजह से बंद हुई सड़क,चार किलोमीटर डोली पर लाई गई महिला मरीज


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चम्पावत : पिछले महीने अक्टूबर में उत्तराखंड में आई आपदा ने बहुत से घर उजाड़ दिए और बहुत कुछ अपने साथ बहा कर ले गई। राज्य अभी भी बीती आपदा से उभर नहीं पाया है। गांव इलाकों के लोगों के लिए जीवन थोड़ा और ज्यादा कठिन हो गया है । उस बारिश की वजह से खराब हुई सड़कें अभी भी बंद है। ऐसी सड़के मरीजों पर भारी पड़ रही है । इस वजह से मंगलवार को एक बीमार महिला को बंद सड़क को पार करने के लिए चार किमी तक डोली का सहारा लेना पड़ा ।

चौमेल -सुतेड़ा सड़क 19 अक्टूबर की बारिश से बंद है । दो सप्ताह बीतने के बावजूद सड़क को सही करने के आसार नज़र नहीं आ रहे है। सड़क के ना खुलने का खामियाजा ग्रामिणों को ही नहीं बीमार लोगों को ज्यादा भुगतान करना पड़ रहा है । 90 वर्ष की दुर्गा देवी की एकाएक तबीयत बीगड़ जाने से उन्हें शहर के असप्ताल में जल्द भर्ती करवाना था । मगर सड़क के हाल देखकर समझ नहीं आया की कैसे इतनी बूढ़ी महिला को ले जाया जाए । ऐसे में गांव के युवकों ने आगे आकर इंसानियत दिखाई और डोली के माध्यम से चार किमी इस मार्ग को पार कर सड़क तक पहुंचाया

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करीब सवा दो घंटे में इस मार्ग को पार कर चौमेला पहुंचाया गया । चौमेला से वाहन कर महिला को अस्पताल पहुंचाया । प्रमुख सड़क से दुर्गा को लोहाघाट अस्पताल लाया गया था। इलाज के बाद से बुजुर्ग महिला की तबियत में सुधार है । मदद के लिए आए युवकों के नाम थे भास्कर शर्मा ,मानस बिष्ट ,शेखर शर्मा, खिलानंनद शर्मा ,कमलाकांत पाठक, अमित बिष्ट, निर्मल शर्मा दिनेश सिंह, हरीश राम सभी ने इंसानियत की पहचांन देते हुए मदद के लिए हाथ बढ़ाया।

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14 दिन से सड़क बंद होने से परेशान ग्रामिणों के लिए दिवाली का पर्व भी फीका होने के आसार है । नाराज ग्रामिणों ने तीन दिन के भीतर सड़क ना खुलने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है । दिवाली के त्योहार को भी ग्रामिण खुशी से नहीं मना पा रहे । जाख ,सील, जमरेड़ी ,सुतेरा आदि गांवो के लोग सड़क बंद से परेशान है ।

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