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मैच रेफरी क्रिस ब्रॉर्ड ने अपने ही बेटे स्टुअर्ट ब्रॉर्ड पर लगाया 15 प्रतिशत जुर्माना

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नई दिल्ली: क्रिकेट के मैदान पर रिकॉर्ड तो टूटते रहते हैं। कई रोचक घटनाएं भी सामने आती है जो सुर्खियों में रहती है। उसी के बारे में हम आपकों बताने जा रहे हैं। इंग्लैंड के महान गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉर्ड ने पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट मैच अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। अंपायर्स उनकी शिकायत मैच रेफरी से की। मैच रेफरी कोई और नहीं उनके पिता क्रिस ब्रॉर्ड ही थे। इसके बाद मैच रेफरी क्रिस ब्रॉर्ड ने बेटे स्टुअर्ट ब्रॉर्ड पर मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगा। इस तरह का वाक्या क्रिकेट में पहली बार सामने आया है जब एक क्रिकेटर के पिता (मैच रेफरी क्रिस ब्रॉर्ड) ने बेटे पर जुर्माना लगाया है।

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जानकारी के मुताबिक मैनचेस्टर में इंग्लैंड और पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट के दौरान स्पिनर यासिर शाह के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने पर मैच फीस का 15 फीसद का जुर्माना लगाया गया है।यह घटना पाकिस्तान की दूसरी पारी के 46वें ओवर की है, जब ब्रॉड ने शाह को आउट करने के बाद अनुचित भाषा का प्रयोग किया था। इसके साथ ही ब्रॉड के अनुशासन रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक जोड़ दिया गया । यह 24 महीने में उनका तीसरा अपराध है और कुल डिमेरिट अंक तीन हो गए हैं। आईसीसी आचार संहिता के लेवल 1 का उल्लंघन करने पर उन्हें एक डिमेरिट अंक दिया गया है।आईसीसी ने बयान जारी कर कहा, “स्टुअर्ट ब्रॉड को खिलाड़ियों के खिलाफ गलत शब्द का इस्तेमाल करने और उनके साथ गलत व्यवहार को लेकर आईसीसी आचार संहिता की धारा 2.5 के उल्लंघन का दोषी पाया गया है।”

मैदानी अंपायर रिचर्ड केटलबोरो और रिचर्ड इलिंगवर्थ, तीसरे अंपायर माइकल गॉग और चौथे अंपायर स्टीव ओ शॉगनेसी ने ब्रॉड की शिकायत मैच रेफरी से की थी। इसके बाद  स्टुअर्ट ब्रॉड को दोषी ठहराने का प्रस्ताव आईसीसी एलीट पैनल के मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड ने दिया था। ब्रॉड ने हालांकि अपनी गलती स्वीकार की,  जिसके बाद इस मामले पर औपचारिक सुनवाई की जरुरत नहीं पड़ी।  पिता ने एक बेटे पर जुर्माना लगाया है। इस खबर के सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोग कह रहे हैं कि शायद क्रिकेट तभी जेंटलमेंन गेम कहा जाता है।

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